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देश में 65 मिलियन टन इकट्ठा होता है ठोस कूडा करकट

नई दिल्ली, 17  सितंबर (जनसमा)। प्रत्‍येक वर्ष देश के शहरों, नगरों में लगभग 65 मिलियन टन ठोस कूडा करकट इकट्ठा होता है। इसकी प्रोसेसिंग यह एक वास्‍तविक चुनौती है। अभी तक ठोस कूडा करकट का लगभग एक चौथाई ही प्रोसेसिंग हो पाया है। कुल ठोस कूडा करकट के प्रोसेसिंग को सुनिश्‍चित करने के लिए किए जा रहे प्रयास तभी सफल होंगे यदि अपशिष्‍ट के पृथककरण को सुनिश्‍चित किया जाए।

आगामी दो वर्षों में शहरी भारत की स्‍वच्‍छता सुनिश्‍चित करने के लिए ठोस कूडा करकट प्रबंध के महत्‍व को आधारभूत बताते हुए आवास व शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि वे राष्‍ट्रीय राजधानी की सभी आवासीय कल्‍याण समितियों से मिलेंगे और उनसे नगरपालिका कूडा करकट को अलग अलग स्थानों पर इकट्ठा करने का आग्रह करेंगे।

पुरी ने रविवार को ‘स्‍वच्‍छता ही सेवा’ अभियान में भाग लेते हुए एनडीएमसी के क्षेत्र, सरोजिनी नगर मार्किट में झाडू लगाई। बाद में, उन्‍होंने अपने मंत्रालय व एनडीएमसी के वरिष्‍ठ अधिकारियों, मार्किट समिति के प्रतिनिधियों, आम जनता एवं सफाई कर्मचारियों से बात करते हुए, दिल्‍ली में कचरा संकट पर गंभीर चिंता जताई।

पुरी ने कहा ‘शौचालय निर्माण बहुत आसान है किंतु 2019 तक शहरी भारत की स्‍वच्‍छता सुनिश्‍चित करने के लिए ठोस अपशिष्‍ट प्रबंध एक वास्‍तविक चुनौती है। शहरी क्षेत्र में 66 लाख निजी घरेलू शौचालय निर्माण के लक्ष्‍य के तहत लगभग 37 लाख इकाईयों का निर्माण किया जा चुका है। लक्ष्य का 56 प्रतिशत मिशन पहले ही प्राप्‍त कर लिया गया है और यह प्रक्रिया जारी है।

कूडा करकट से खाद व ऊर्जा की कड़ी के निर्माण की सफलता के लिए आवश्‍यक है। इस कार्य के लिए मैं दिल्‍ली में सभी आरडब्‍ल्‍यूए से सम्पर्क करूँगा। व सभी 11 जिलों को लिखित में कहूंगा कि पृथककरण के लिए आवश्‍यकतानुसार कार्य करें। फिलहाल, दिल्‍ली में उत्‍पन्‍न हो रहे अपशिष्‍ट का केवल आधे का ही प्रकमण हो रहा है जो चिंता का विषय है।

पुरी ने कहा कि ठोस कूडा करकट प्रबंधन पर ठोस कार्य करने के लिए इस सप्ताह के आरम्भ में आधुनिक उपकरण व नए तरीकों को मुहैया कराने के लिए उनके मंत्रालय ने 300 करोड़ रूपये की कार्य योजना को मंजूरी दी है। जिससे इस वर्ष दिसंबर के अंत तक प्रतिदिन 670 टन कूडा करकट की प्रोसेसिंग हो सकेगी।

पुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्‍व वाली सरकार द्वारा शुरू किया गया ‘स्‍वच्‍छ भारत मिशन’ परिवर्तनकारी पहल में से सबसे महत्‍वपूर्ण है तथा यह मिशन मुख्‍यत: आदतों में बदलाव के बारे में है। उन्‍होंने कहा विगत़ 1916 में महात्‍मा गांधी ने राजनीतिक स्‍वतंत्रता से अधिक स्‍वच्‍छता को प्राथमिकता दी।

मंत्री सरोजिनी नगर मार्किट क्षेत्र में गए और उन्‍होंने देखा कि यह बाजार राष्‍ट्रीय राजधानी के केंद्र में स्‍थित है जिसे आसपास के क्षेत्र में सरकारी कालोनियों के पुर्नविकास जारी है। उन्होने कहा कि इस संदर्भ में आवश्‍यकताओं को पूरा करने के लिए इस बजार तक बेहतर पहुँच, व आधुनिक सेवाओं की आवश्‍यकता है।

मंत्री के अतिरिक्त मंत्रालय के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा, नई दिल्‍ली नगरपालिका परिषद के चेयरमैन नरेश कुमार, एनडीएमसी व मंत्रालय के वरिष्‍ठ अधिकारी, मार्किट एसोसिऐशन के प्रतिनिधि व आम जनता ने ‘श्रमदान’ में भाग लिया।