Plantation

सात फेरों के बाद वर-वधु ने किया वृक्षारोपण

भोपाल , 06 जुलाई (जनसमा)।  नर्मदा बेसिन क्षेत्र में महा वृक्षारोपण के सरकार के संकल्‍प से प्रेरित होकर 2 जुलाई को हुए सामुहिक विवाह कार्यक्रम में सात फेरों के बाद वर-वधु वृक्षारोपण में शामिल होने से अपने को रोक नहीं पाये। मौका था दमोह के जटाशंकर धाम में मुख्यमंत्री कन्या विवाह कार्यक्रम जिसमें 70 जोड़ों में एक निःशक्त और एक विधवा ने भी नव दाम्पत्य जीवन में प्रवेश किया।

दीनदयाल पार्क में पौधारोपण कर वर-वधु दोनों ही खुश नजर आये। यह शायद पहला मौका था जब वर-वधुओं ने फेरों के तत्काल बाद पौधारोपण किया। पौधे लगाने वाले दम्पत्तियों में प्रमुख रूप से बबलू-नन्नी, दौलत-उमा, दुर्गा-राधा, मोहन-दसोदा और अरविन्द-आरती शामिल थे।

इन नव दम्पत्तियों के अनुसार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वृहद पौधा रोपण का जो अभियान चलाया है, वह सराहनीय है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के इस कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त, वाणिज्यिक कर मंत्री जयंत कुमार मलैया भी शामिल हुए। मलैया ने नव दम्पत्तियों द्वारा पौधारोपण की प्रशंसा कर उन्हें शुभकामनाएँ दी।

साम्प्रदायिक सदभाव भी दिखा पौध रोपण में

जबलपुर के लम्हेटाघाट में हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई समुदाय के लोगों ने पूरे उत्साह के साथ पौधा-रोपण में सहभागिता की। इस प्रकार पौधारोपण साम्प्रदायिक सौहार्द का प्रतीक भी बना। इसी तरह कटनी जिले की बहोरीबंद तहसील के परिसर में अपने पिता द्वारा पौधों का महत्व बताने से प्रेरित 6 वर्षीय आयुष सिंह (नानू) ने भी अपने पिता अजय सिंह के साथ पौधा रोपा।

बच्चियों ने दिया पर्यावरण बचाने का संदेश

इंदौर जिले की देवगुराड़िया पहाड़ी पर मूसाखेड़ी में रहने वाली दो बहनों कंचन एवं रूचि चौरसिया ने अपनी मम्मी के साथ इधर-उधर बिखरी हुई पॉलीथिन की थैलियाँ एकत्रित कर पर्यावरण बचाने का संदेश दिया।।

बुरहानपुर जिले के ग्राम पिपराना में सेवा सदन स्कूल के विद्यार्थी बस में स्वयं गेंती, फावड़े और पौधे रखकर ले गये और उत्साहपूर्वक पौधे लगायें। पौध रोपण वाले प्रत्येक गाँव को एक स्कूल द्वारा गोद लिया गया।

एसडीएम ने किया बच्ची के मान का सम्मान

बड़वानी जिले की रोसेश्वर पहाड़ी पर एसडीएम राजपुर श्रीमती रिजू बाफना ने महिला श्रमिक की छोटी बच्ची की इच्छा का सम्मान करते हुए उसके साथ मिलकर पौधा रोपण किया। पहाड़ी पर पौधरोपण करने वालों में कक्षा पाँचवीं में पढ़ने वाली जुड़वा बहने कुमारी रीना एवं कुमारी टीना पटेल भी सम्मिलित थी। इन बच्चियों ने अपने पिता श्री ओम प्रकाश पटेल के साथ आकर पौधा रोपण किया।

इस पहाड़ी पर पौधा लगाने वाले विद्यार्थी को ग्रीन पासपोर्ट का वितरण भी कलेक्टर द्वारा किया गया। इस ग्रीन पासपोर्ट में जहाँ विद्यार्थी की समुचित जानकारी दर्ज करने का स्थान नियत है वहीं उसके द्वारा लगाए गए पौधों की फोटो भी लगाने की व्यवस्था है। इस पासपोर्ट में विद्यार्थी अपने लगाये गये पौधे की सचित्र जानकारी अगले 20 साल तक की दर्ज कर सकता है।

दादी की याद में लगाया पौधा

इसी जिले के साकेत इंटरनेशनल स्कूल, अंजड़ में कक्षा 8वीं में पढ़ने वाली छात्रा कुमारी भूमिका व्यास ने अपनी दादी श्रीमती विमलादेवी व्यास की याद में पौधा लगाया। उसने प्रण लिया कि दादी को तो वह नहीं बचा पाई किन्तु अपनी दादी की याद में पौधे को अवश्य बचाकर बढ़ा करेगी।

सहरिया आदिवासियों ने भी लगाये पौधे

दतिया जिले के भाण्डेर विकासखण्ड के ग्राम नोवई में सहरिया आदिवासियों ने आँवले के पौधे लगाकर उनके पालन-पोषण एवं रखवाली की शपथ ली।