Assembly Elections 2026: Allegations, Counter-allegations, and a Fierce Contest

विधानसभा चुनाव 2026: आरोप-प्रत्यारोप और कड़ा मुकाबला

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वोट डालने के बाद

देश के विभिन्न राज्यों पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनावों के वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी।

दूसरे चरण में आज पश्चिम बंगाल में 142 सीटों के लिए मतदान हुआ। 3.22 करोड़ से अधिक पात्र मतदाताओं और 1,400 से अधिक उम्मीदवारों के मैदान में होने के कारण, इस चरण का दायरा काफी विशाल है।

पश्चिम बंगाल में भवानीपुर पर सबकी नजर
पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल बेहद गर्म रहा। मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी ने बुधवार को अपने राजनीतिक गढ़ भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के कई मतदान केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने केंद्रीय बलों और चुनाव पर्यवेक्षकों पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि वे विपक्ष, विशेषकर भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं।

भवानीपुर सीट पर इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है, जहाँ उनका सामना विपक्ष के नेता शुवेेन्दु अधिकारी से है। इस मुकाबले की तुलना 2021 के नंदीग्राम चुनाव से की जा रही है, जहाँ अधिकारी ने बनर्जी को पराजित किया था।

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Female voters lining up, waiting to cast their vote.

गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच एक रोड शो को संबोधित करते हुए।

आरोपों की राजनीति
आज 29 अप्रैल 2026 को मतदान के दिन सुबह ही ममता बैनर्जी ने कई बूथों का निरीक्षण किया और आरोप लगाया कि बाहरी लोग मतदान प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर रहे हैं तथा तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को रोका जा रहा है। उन्होंने चुनाव आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

इसके जवाब में भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सत्तारूढ़ दल अपनी संभावित हार को देखते हुए भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है।

अभिषेक बनर्जी का दावा
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि उनकी पार्टी 2021 के मुकाबले अधिक सीटें जीतकर सत्ता में वापसी करेगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर चुनाव पर्यवेक्षकों का रवैया निष्पक्ष नहीं रहा, जिससे मतदान प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

विपक्ष का आत्मविश्वास
वहीं, शुवेेन्दु अधिकारी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री इस चुनाव में हार जाएँगी। उन्होंने मतदान से पहले मंदिरों में पूजा-अर्चना भी की और कहा कि चुनाव आयोग ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए पर्याप्त व्यवस्था की है।

दूसरे चरण में 142 सीटों पर मतदान
पश्चिम बंगाल में दूसरे और अंतिम चरण के तहत 142 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ। सुबह 7 बजे शुरू हुए मतदान में कोलकाता, हावड़ा, उत्तर एवं दक्षिण 24 परगना, नदिया, हुगली और पूर्वी बर्धमान जिलों में मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं।

यह चरण विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें दक्षिण बंगाल का क्षेत्र शामिल है, जिसे पारंपरिक रूप से तृणमूल कांग्रेस का गढ़ माना जाता है, जबकि भाजपा यहाँ अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान
23 अप्रैल को हुए पहले चरण में 93.19 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे अधिक है। हालांकि, दूसरे चरण के शुरुआती घंटों में कुछ स्थानोंकृजैसे छपरा, शांतिपुर, निमतला और भांगरकृसे हिंसा और तोड़फोड़ की खबरें भी सामने आईं, जिसकी पुष्टि पुलिस ने की है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मतदाताओं से प्रगतिशील नीतियों और विकास के पक्ष में निर्भय होकर मतदान करने की अपील की।

वहीं, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि चुनावों को प्रभावित करने के लिए केंद्रीय बलों के माध्यम से एक “समांतर प्रशासनिक ढांचा” तैयार किया गया है।

पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों के चुनाव इस बार बेहद प्रतिस्पर्धात्मक और राजनीतिक रूप से संवेदनशील बने हुए हैं। उच्च मतदान प्रतिशत लोकतांत्रिक भागीदारी को दर्शाता है, वहीं आरोप-प्रत्यारोप और छिटपुट हिंसा चुनावी प्रक्रिया की चुनौतियों को भी उजागर करते हैं। अब सबकी नजर 4 मई को होने वाली मतगणना पर है, जो इन राज्यों की राजनीतिक दिशा तय करेगी।