Category Archives: लेख

वेदों में राष्ट्र और स्वराज्य

वेदों में राष्ट्र और स्वराज्य

संसार प्रसिद्ध लेखक और विचारक रोम्या रोलां ने हिन्दू धर्म के सम्बन्ध में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा था- ‘‘मैंने यूरोप और एशिया के सभी धर्मों का अध्ययन किया है, परन्तु उन सब में मुझे हिन्दू धर्म ही श्रेष्ठ दिखाई दिया। मेरा विश्वास है कि एक दिन इसके सामने…

तीर्थ हैं क्षिप्रा के तट

=== मुकेश मोदी=== अनादि नगरी उज्जयिनी ‘भौमतीर्थ” भी है और ‘नित्य तीर्थ” भी है। भारत की ह्रदय-स्थली यह नगरी सृष्टि के प्रारंभिक काल से ही दिव्य पावन-कारिणी शक्ति से ओत-प्रोत रही है। स्कंद पुराण के अनुसार तो यहाँ पग-पग पर मोक्ष-स्थल तीर्थ बसे हैं। अवंतिखण्ड के अनुसार यहाँ ‘महाकाल वन” था,…

महाकाल : ज्योतिर्लिंग के साथ-साथ मृत्युलोक के स्वामी

भारत के इतिहास में उज्जयिनी का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। रामायण, महाभारत, विविध पुराणों तथा काव्य ग्रंथों में इसका आदरपूर्वक उल्लेख हुआ है। धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से इसका अद्वितीय स्थान है। इसी पावन नगरी के दक्षिण-पश्चिम भू-भाग में पुण्य-सलिला क्षिप्रा के पूर्वी तट से कुछ ही अन्तर पर भगवान्…

कृषि हेतु आधुनिक प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से किसानों को मिल सकते हैं फायदे

पूर्वोत्तर क्षेत्र में भारत की 8 प्रतिशत जमीन है और यहां की आबादी 4 प्रतिशत है। यहां के लोगों की आजीविका का 70 प्रतिशत योगदान कृषि से पूरा होता है। मिजोरम में 51 प्रतिशत लोग कृषि पर आश्रित हैं और सिक्किम में यह आंकड़ा 89 प्रतिशत है। हालांकि इस समूचे…

पिनकोड : पत्र को सही जगह पहुंचाने का अचूक तरीका

डॉ़ के़ परमेश्वरन====एक छोटा आयातकार बॉक्स जो छह हिस्सों में बंटा  है, देश में सभी डाक सामग्रियों पर बना होता है। इसे अधिकांश लोग नजर अंदाज करते हैं और अक्सर इसे बिना भरे ही छोड़ देते हैं। लेकिन डाक विभाग के लिए यह छोटा बॉक्स, एक पत्र को सही जगह पहुंचाने  के…

मध्यप्रदेश के शरबती गेहूं को बचाने की पहल

मध्यप्रदेश की कई खूबियों में प्रदेश का शरबती गेहूं भी है। राज्य में पैदा होने वाले शरबती गेहूं की खासियत इसकी पौष्टिकता और इसका स्वाद है। यही कारण है कि शरबती गेहूं नाम से बाजार में बिकता है। अब इस गेहूं को मान्यता दिलाने के लिए प्रदेश सरकार ने भी…