कश्मीर में सीमा पार से हिंसा को बढ़ावा : पर्रिकर

वाशिंगटन, 30 अगस्त | रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि भारत सरकार कश्मीर घाटी में बिगड़े हालात का समाधान ढूंढ़ने के लिए तत्पर है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कश्मीर में सीमा पार से हिंसा को बढ़ावा दिया जा रहा है। अमेरिका के रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कश्मीर के हालात पर एक सवाल के जवाब में पर्रिकर ने सोमवार को कहा, “भारत सरकार पूरी तरह सक्रिय है। सीमा पार से हिंसा को बढ़ावा दिया जा रहा है।”

पर्रिकर ने कहा, “कर्फ्यू पहले ही हटा लिया गया है। एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भी वहां जा रहा है। कश्मीर में एक सरकार है, जो लोकतांत्रित तरीके से निर्वाचित है और मुख्यमंत्री (महबूबा मुफ्ती) कश्मीर घाटी से ही हैं। आपको उनका संवाददाता सम्मेलन देखना चाहिए, जिसमें उन्होंने कहा है कि घाटी में मुट्ठी भर लोग उपद्रव मचा रहे हैं।”

उनकी यह टिप्पणी घाटी में कर्फ्यू में ढील के बावजूद अलगाववादियों द्वारा बंद जारी रखने के बाद सामने आई है।

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह चार सितंबर को एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल लेकर श्रीनगर पहुंचेंगे, जहां वह स्थानीय नेताओं के साथ बैठकें करेंगे, जिसका उद्देश्य घाटी के संकट को खत्म करना है।

अलगाववादियों ने बंद को एक सितंबर तक के लिए बढ़ा दिया है और लोगों को सामान्य जीवन नहीं शुरू करने को कहा है।

कर्फ्यू हटाए जाने के बावजूद अधिकांश बाजार मंगलवार को बंद रहे और घाटी में सड़कों पर कहीं भी सार्वजनिक यातायाता सेवाएं नहीं दिखीं।

बीते 53 दिनों से सभी शैक्षणिक संस्थान भी बंद हैं।

कश्मीर में जारी संघर्ष में करीब 71 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 68 नागरिक व तीन पुलिसकर्मी हैं, जबकि 11 हजार से अधिक लोग घायल हुए हैं। घाटी में अशांति आठ जुलाई को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद नौ जुलाई को शुरू हुई थी।

–आईएएनएस