GST

जीएसटी: टर्नओवर 75 लाख रु से बढ़ाकर एक करोड़ की गई

नई दिल्ली,  6 अक्टूबर (जनसमा)।  सरकार ने निर्यातकों और छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए जीएसटी में बड़ी राहत की घोषणा की है। जीएसटी के तहत प्रारंभिक टर्नओवर सीमा को 75 लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ कर दिया गया है।

जीएसटी परिषद की 8 घंटे चली मैराथन बैठक के बाद संवाददाताओं को जानकारी देते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि समग्र योजना के तहत, व्यापारियों को एक प्रतिशत, निर्माता दो प्रतिशत और रेस्तरां पांच प्रतिशत का भुगतान करेंगे। जीएसटी करदाताओं को 1.5 करोड़ रुपये तक का टर्नओवर मासिक आधार के स्थान पर, तिमाही आधार पर अपनी रिटर्न दाखिल कर सकता है।

The Union Minister for Finance and Corporate Affairs, Shri Arun Jaitley chairing the 22nd GST Council meeting, in New Delhi on October 06, 2017. 

निर्यातक 10 जुलाई से जुलाई महीने के लिए अपने इनपुट क्रेडिट का रिफंड प्राप्त करना शुरू कर देंगे, और अगस्त के महीने के लिए 18 अगस्त से। यह एक अंतरिम व्यवस्था है जिसे केंद्रीय और राज्य सरकार के अधिकारियों द्वारा संचालित किया जाएगा। निर्यातकों के पास रिफंड मिलने के लिए 1 अप्रैल, 2018 से ई-वॉलेट होगा।

जेटली ने कहा, परिषद ने ई-वे बिल पर चर्चा की। उन्होंने कहा, कर्नाटक पहले से अच्छा अनुभव कर रहा है।

आईआईसीडीएस योजना और अनब्राण्डेड नमकीन, खाखड़ा, सादी चपाती, खाद्य पैकेजों आदि पर अब 18 प्रतिशत के बजाय 5 प्रतिशत कर लगाया जाएगा।

बिना ब्रांडेड दवाइयों पर जीएसटी दर भी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है। डीजल इंजन के कुछ हिस्सों पर कर 28 से 18 प्रतिशत कर दिया गया है।

उच्च मात्रा में श्रम शामिल सिंचाई योजनाओं की लागत को शामिल करने के लिए, जीएसटी की दर को 5 प्रतिशत नीचे लाया गया है।

वित्त मंत्री ने घोषणा की कि जीएसटी की दर के निर्धारण पर एक अवधारणा पत्र जीएसटी परिषद द्वारा अनुमोदित किया गया है। उन्होंने कहा, परिषद ने विभिन्न मुद्दों पर विचार करने के लिए राज्यों के वित्त मंत्रियों के एक समूह का गठन किया है।