Putin

मोदी ने संवैधानिक संशोधनों पर रूस के  राष्ट्रपति पुतिन को बधाई दी

नई दिल्ली, 02 जुलाई । प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi) ने द्वितीय विश्व युद्ध में जीत की 75 वीं वर्षगांठ के अवसर पर रूस में मनाए जा रहे समारोहों की सफलता और संवैधानिक संशोधनों पर रूस के  राष्ट्रपति पुतिन (President Putin) को गर्मजोशी से बधाई दी है।

हि.स. के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी ने  राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन (President Putin) को देश के उस संविधान संशोधन पर बधाई दी है, जिससे पुतिन के 2036 तक देश के राष्ट्रपति बने रहने का रास्ता साफ हो गया है।

गुरुवार को राष्ट्रपति  पुतिन (President Putin)से टेलीफोन पर बातचीत करते हुए मोदी ने आशा व्यक्त की है कि दोनों देशों के विशेष रणनीतिक संबंध आने वाले दिनों में और अधिक मजबूत होंगे।

प्रधान मंत्री ने 24 जून 2020 को मॉस्को में आयोजित सैन्य परेड में एक भारतीय टुकड़ी की भागीदारी को याद करते हुए भारत और रूस के लोगों के बीच दोस्ती का प्रतीक बताया।

राष्ट्रपति पुतिन (President Putin) ने फोन कॉल के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया और सभी क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

दोनों नेताओं ने इस वर्ष के अंत में भारत में आयोजित होने वाली वार्षिक द्विपक्षीय शिखर वार्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच संपर्क और विचार विमर्श की प्रक्रिया कायम रहेगी। मोदी ने कहा कि वह शिखर वार्ता के लिए पुतिन के आगमन की उत्सुकता पूर्वक प्रतीक्षा कर रहे हैं।

विदेश मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार,  दोनों नेताओं ने कोरोना वायरस महामारी से मुकाबला करने के लिए दोनों देशों द्वारा किए जा रहे उपाय का लेखा-जोखा भी लिया।

उल्लेखनीय है कि पुतिन (Putin) दो दशकों से रूस के राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री हैं। रूस के संविधान के अनुसार राष्ट्रपति का कार्यकाल चार साल के लिए होता था और एक व्यक्ति केवल दो बार ही लगातार राष्ट्रपति चुना जा सकता था। इसी प्रावधान के कारण पुतिन को 2 बार के कार्यकाल के बाद राष्ट्रपति पद से हटना पड़ा था तथा दिमित्री मिदेवदेव राष्ट्रपति बने थे।

उस समय पुतिन ने प्रधानमंत्री का कार्यभार संभाला था। बाद में संविधान संशोधन के जरिए राष्ट्रपति का कार्यकाल 6 वर्ष कर दिया गया था। कोई व्यक्ति दो बार यानी 12 वर्ष के लिए राष्ट्रपति बन सकता था। इस प्रकार पुतिन का कार्यकाल 2024 तक जारी रहना था। अब नए संविधान संशोधन पर जनता की मुहर के बाद पुतिन आगे भी दो बार यानी 2036 तक रूस के राष्ट्रपति रह सकते हैं।

हिस के इनपुट के साथ प्रकाशित