Tag Archives: मिसाइल

BrahMos

लखनऊ में ब्रह्मोस नेक्स्ट जेनरेशन मिसाइल उत्पादन की योजना

लखनऊ में ब्रह्मोस नेक्स्ट जेनरेशन मिसाइल के उत्पादन की योजना है। ब्रह्मोस के नेक्स्ट जेनरेशन मिसाइल के उत्पादन के लिए लगभग 200 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी। इस परियोजना को पूर्ण करने के लिए लगभग 300 करोड़ रुपये की धनराशि निवेशित की जाएगी। ब्रह्मोस नेक्स्ट जेनरेशन परियोजना  डीआरडीओ, रक्षा मंत्रालय की…

मिसाइल

भारत ने सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल का सफल परीक्षण किया

नई दिल्ली, 24 दिसंबर।   भारत ने सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (एमआरएसएएम)  का पहला सफल परीक्षण करते हुए एक उल्‍लेखनीय कामयाबी हासिल की। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने आज करीब शाम 4 बजे ओडिशा तट के चांदीपुर एकीकृत परीक्षण रेंज से सतह से हवा में मार करने वाली…

मिसाइल प्रणाली

क्विक रिएक्‍शन मिसाइल प्रणाली का सफल परीक्षण

नई दिल्ली, 17 नवंबर। सतह से आकाश में मार करने वाली क्विक रिएक्‍शन मिसाइल प्रणाली का आज ओडिशा के तट से दूर, इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज, चांदीपुर से लगभग 15: 42 बजे उड़ान श्रृंखला का दूसरा परीक्षण  किया गया। आज का हवाई परीक्षण उच्‍च क्षमता वाले मानव रहित जेट हवाई लक्ष्‍य…

एटीजीएम

लेजर गाइडेड एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल का सफल परीक्षण किया

लेजर गाइडेड एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (एटीजीएम) का सफलतापूर्वक परीक्षण 22 सितंबर 2020 को अहमदनगर में केके रेंज, आर्मर्ड कॉर्प्स सेंटर एंड स्कूल (एसीसीएंडएस) में एमबीटी अर्जुन टैंक से किया गया। इन परीक्षणों में, एटीजीएम ने 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित लक्ष्य को सफलतापूर्वक अपना निशाना बनाया। लेजर गाइडेड एटीजीएम डेज़िग्नेशन की सहायता से अपने निर्धारित लक्ष्य पर जाकर सटीकता से हमला करना सुनिश्चित करती है। इसके अलावा इसमें हीट (हाई स्पीड एक्सपेंडेबल एरियल टारगेट) वारहेड के जरिए एक्सप्लोसिव रिऐक्टिव आर्मर (ईआरए) प्रोटेक्टेड वेहिकल्स (बख़्तरबंद वाहनों) को भी उड़ाने की क्षमता है। एटीजीएम को कई-प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च क्षमता के साथ विकसित किया गया है और वर्तमान में एमबीटी अर्जुन में लगी बंदूक से फायर कर इसका तकनीकी मूल्यांकन किया जा रहा है। आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (एआरडीई) पुणे ने हाई एनर्जी मेटेरियल रिसर्च लेबोरेटरी (एचईएमआरएल) पुणे और इंस्ट्रूमेंट्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (आईआरडीई) देहरादून के सहयोग से यह मिसाइल विकसित की है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन-डीआरडीओ को केके रेंज में एमबीटी अर्जुन से लेजर गाइडेड टैंक रोधी मिसाइल के सफलतापूर्वक परीक्षण के लिए बधाई दी है। रक्षा अनुसंधान और विकास निदेशालय के सचिव तथा रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन के अध्यक्ष ने डीआरडीओ कर्मियों के कठिन परिश्रम और इस सफलतापूर्वक परीक्षण के लिए बधाई दी है।