उप्र में मजदूरों को मात्र 10 रुपए में मिलेगा दोपहर का खाना

लखनऊ, 02 मई (जनसमा)। मई दिवस यानी श्रमिक दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को यहाँ विधान भवन के सम्मुख निर्मित हो रहे नये सचिवालय भवन निर्माण में कार्यरत मजदूरों के साथ दोपहर का भोजन ग्रहण करके श्रमिकों के लिए मात्र दस रुपये में मध्याह्न भोजन योजना का शुभारम्भ किया।

फोटोः अखिलेश यादव 01 मई, 2016 को लखनऊ में मध्यान्ह भोजन योजना के शुभारम्भ अवसर पर श्रमिकों के साथ भोजन करते हुए।

योजना के तहत उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत श्रमिकों को मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। यह योजना पाइलेट प्रोजेक्ट के रूप में लखनऊ जनपद में प्रारम्भ की गई है।

अखिलेश ने भरोसा जताया कि मध्यान्ह भोजन योजना का बड़े पैमाने पर लाभ श्रमिक भाईयों को मिलेगा। इससे उन्हें समय पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध होगा, जिससे उनकी कुशलता बढ़ेगी, स्वास्थ्य बेहतर रहेगा और वह बीमारियों से भी बचे रहेंगे।

उन्होंने नवीन सचिवालय भवन के निर्माण में कार्यरत मजदूरों के साथ भोजन करते हुए कई श्रमिकों से उनकी समस्याएं जानीं तथा कहा कि सभी विकास परियोजनाएं मजदूरों की मेहनत और पसीने की देन हैं।

गौरतलब है कि मध्यान्ह भोजन योजना का उद्देश्य निर्माण स्थलों पर श्रमिकों को स्वच्छ एवं स्वास्थ्यप्रद भोजन उपलब्ध कराना है। योजना के तहत कार्यस्थल पर दोपहर के भोजन के समय मजदूरों को उनकी इच्छा के अनुसार रोटी या चावल के दो अलग-अलग मीनू में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। रोटी मीनू के टिफिन में 300 ग्राम रोटी (संख्या में लगभग 10-12), दो सब्जी, दाल, सलाद व गुड़ शामिल है तथा चावल वाले मीनू के टिफिन में 400 ग्राम चावल, दाल, सब्जी, छोला, सलाद व गुड़ शामिल होगा।

मध्यान्ह भोजन योजना के तहत एक टिफिन का वास्तविक मूल्य 41 रुपए आता है, किन्तु श्रमिकों को मात्र 10 रुपए के भुगतान पर टिफिन उपलब्ध कराया जा रहा है। शेष 31 रुपए का भुगतान उ0प्र0 भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा किया जा रहा है।