थल सेना अध्यक्ष

थल सेना अध्यक्ष ने कहा रक्षा प्रबंधन पाठ्यक्रम में संशोधन की आवश्यकता 

थल सेना अध्यक्ष(Chief of the Army Staff ) ), जनरल मनोज मुकुंद नरवणे (General Manoj Mukund Naravane ) ने कॉलेज ऑफ़ डिफेंस मैनेजमेंट और बिसन डिवीजन में छात्रों,अधिकारियों और शिक्षकों से कहा कि मध्यावधि पाठ्यक्रम संशोधन की आवश्यकता पड़ सकती है।

थल सेना अध्यक्ष नरवणे ने 21 अक्टूबर, 2020 को सिकंदराबाद में प्रतिष्ठित रक्षा प्रबंधन कॉलेज के अधिकारियों  और शिक्षकों से बात करते हुए  यह चेताया भी कि मध्यावधि पाठ्यक्रम संशोधन की आवश्यकता पड़ सकती है।

उन्होंने विभिन्न मुद्दों का जिक्र किया, जिसमें भारतीय सैन्य बलों के एकीकरण और आधुनिकीकरण समेत कई विशेष मुद्दे शामिल थे।

सरकार के रक्षा प्रमुख यानि सीडीएस नियुक्त करने और सैन्य मामलों का विभाग गठित करने के फैसले को उन्होंने प्रभावशाली कदम बताते हुए कहा कि रक्षा प्रमुख का पद सृजित करने की भारतीय सशस्त्र बलों की  लंबे समय से मांग रही है जो अब पूरी हो गई है

थल सेना अध्यक्ष नरवणे ने कहा कि अब सेवाओं में और अधिक बुद्धिमत्ता, निपुणता तथा कुशलता के प्रदर्शन की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि सेना में सुधार का अगला तार्किक कदम और प्रक्रिया एकीकृत थिएटर कमांड का गठन था, जिससे युद्ध और शांति के दौरान तीनों सेनाओं के युद्ध कौशल को लयबद्ध किया जा सके।

उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया सूझ बूझ, सुविचारित और व्यवस्थित ढंग से क्रियान्वित की जाएगी। हालांकि इसके परिणाम आने में कुछ वर्ष लग सकते हैं।

थल सेना अध्यक्ष (COAS) ने कहां की वह भविष्य में सशस्त्र बलों के एकीकरण को लेकर आशावादी हैं जो कि एक अनिवार्य आवश्यकता है और जिससे तीनों सेवाओं में बेहतर तालमेल और संसाधनों का श्रेष्ठतम इस्तेमाल हो सकेगा।

थल सेना अध्यक्ष ने उच्च स्तरीय संचालन तैयारियों को जारी रखने के आदेश दिए और सभी रैंक के अधिकारियों को कड़ी मेहनत के साथ प्रशिक्षण जारी रखने और भविष्य में किसी भी तरह की संचालन चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहने को कहा।

उन्होंने हाल ही में आई बाढ़ की घटनाओं के दौरान राहत और बचाव कार्यों तथा सैन्य इकाइयों द्वारा कोविड-19 के खिलाफ अपनाए गए उच्च स्तरीय उपाय के लिए सराहना की।

थल सेना अध्यक्ष बाद में  सिकंदराबाद क्षेत्र सिम्युलेटर डेवलपमेंट डिविजन एसडीडी का दौरा करने गए और वह टाटा बोईंग एयरोस्पेस लिमिटेड टीबीएएल, हैदराबाद भी गए, जो कि अपाचे-64 हेलीकॉप्टर के उत्पादन के लिए बोइंग और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स का संयुक्त उपक्रम है। उन्होंने मेक इन इंडिया पहल तथा उच्च प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भर बनने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की।
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