देश के 2.6 लाख ग्रामीण डाक सेवकों का बढ़ेगा वेतन

नई दिल्ली, 2 दिसम्बरI देश के ग्रामीण इलाकों में काम कर रहे 2.6 लाख ग्रामीण डाक सेवकों के वेतन ढांचे की समीक्षा के लिए केंद्र सरकार ने एक सदस्यीय समिति का गठन कर दिया हैI यह समिति ग्रामीण डाक सेवकों की सेवा शर्तों पर गौर करके उसमें आवश्‍यक समझे जाने पर बदलावों के बारे में अपनी रिपोर्ट सरकार को देगी I उम्मीद की जा रही है कि समिति की रिपोर्ट आने के बाद ग्रामीण क्षेत्र में काम कर रहे डाक सेवकों का वेतन तो बढ़ेगा ही, साथ ही उन्हें अन्य आवश्यक सुविधाएं भी मुहैय्या करायी जाएगी I

जानकारी के अनुसार डाक सेवा बोर्ड के सेवानिवृत्त सदस्य कमलेश चंद्र की अध्यक्षता में ग्रामीण डाक सेवकों के वेतन ढांचे, सेवा शर्तों इत्‍यादि की समीक्षा करने के लिए एक सदस्‍यीय समिति गठित की गई है। समिति की सहायता के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड अधिकारी टी. क्‍यू. मोहम्मद को नियुक्त किया गया है, जोकि समिति के सचिव के रूप में कार्य करेंगे। यह समिति ग्रामीण डाक सेवकों की सेवा शर्तों पर गौर करेगी और आवश्‍यक समझे जाने पर अहम परिवर्तन सुझाएगी।
समिति जिन मुद्दों पर विचार करेगी, उनमें शाखा डाकघरों की प्रणाली, संलग्‍नता की शर्तों और ग्रामीण डाक सेवकों को भुगतान किए जाने वाले पारिश्रमिक एवं नामांकन की मौजूदा संरचना पर गौर करना और आवश्‍यक परिवर्तनों की सिफारिश करना, ग्रामीण डाक सेवकों के लिए मौजूदा सेवा निर्वहन लाभ योजना एवं अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभों की समीक्षा करना और आवश्‍यक बदलावों की सिफारिश करना, ग्रामीण डाक सेवकों को प्रदान की जाने वाली मौजूदा सुविधाओं एवं कल्याणकारी उपायों की समीक्षा करना और आवश्‍यक परिवर्तनों की सिफारिश करना, ग्रामीण डाकघरों में प्रौद्योगिकी को समाहित किए जाने के प्रस्‍ताव को ध्‍यान में रखते हुए ग्रामीण डाक सेवकों के रूप में संलग्‍नता के लिए न्यूनतम योग्यता, संलग्‍नता के तौर-तरीकों, उनके आचरण एवं अनुशासनात्मक नियमों पर गौर करना और कोई परिवर्तन सुझाना आदि शामिल हैंI        (हि.स.)