रियो ओलम्पिक (हॉकी) : सेमीफाइनल के लिए बेल्जियम से भिड़ेगा भारत

रियो डी जनेरियो, 13 अगस्त | ब्राजील की मेजबानी में खेले जा रहे ओलम्पिक खेलों में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय कर लिया है जहां उसे बेल्जियम से भिड़ना है। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भारत की कोशिश 36 साल बाद ओलम्पिक के सेमीफाइनल में प्रवेश करने की होगी।

पूल-बी में भारत चौथे स्थान पर रहा था। पूल स्टेज में भारत के हिस्से में दो जीत, एक ड्रॉ और दो हार आईं।

एशियाई विजेता को पूल-ए की शीर्ष टीम से भिड़ना है। बेल्जियम ने अपने पूल में चार जीत हासिल किए।

भारत का प्रदर्शन अधिकतर मैचों में अच्छा रहा है। भारतीय टीम ने पहले मैच में आयरलैंड को 3-2 से मात दी थी जबकि दूसरे मैच में उसे दो बार की मौजूदा चैम्पियन जर्मनी के हाथों आखिरी कुछ सेकेंड में 2-1 से हार झेलनी पड़ी थी।

भारत ने वापसी करते हुए अर्जेटीना को 2-1 से हराया था जबकि उसे नीदरलैंड्स के हाथों हार झेलनी पड़ी थी। अपने अंतिम ग्रुप मैच में भारत को कनाडा ने 2-2 से ड्रॉ पर रोक दिया।

भारतीय स्ट्राइकर हालांकि अभी तक अधिकतर मौकों पर गेंद को गोलपोस्ट के अंदर पहुंचाने में नाकामयाब रहे हैं। नीदरलैंड्स के खिलाफ भारत को अंतिम छह सेकेंड में पांच पेनाल्टी कॉर्नर मिले थे लेकिन भारतीय टीम एक भी पेनाल्टी को गोल में बदलने में सफल नहीं रही थी।

वहीं, हर मैच में अंतिम समय में भारत की रक्षापंक्ति कमजोर होती दिखी। विपक्षी टीम ने हमेशा अंतिम क्वार्टर में भारत के ढुलमुल रवैये का फायदा उठाया है। इसी कारण भारत को जर्मनी के खिलाफ हार और कनाडा के खिलाफ ड्रॉ का सामना करना पड़ा।

कनाडा के खिलाफ कलाई में चोट खा बैठे एस. वी. सुनील के बेल्जियम के खिलाफ फिट होने की उम्मीद है।

भारतीय कप्तान पी. आर. श्रीजेश, आकाशदीप सिंह, रमनदीप सिंह और निकिन थिमैया को अपने साथी खिलाड़ियों सरदार सिंह, मनप्रीत सिंह, एस. के. उथप्पा और दानिश मुज्तबा के साथ समन्वय बिठाने की जरूरत है।

मैच से पहले टीम के कप्तान ने कहा, “हम क्वार्टर फाइनल खेलने को लेकर काफी उत्साहित हैं। हमने निरंतरता के साथ जिस तरह खेला है उससे हमें आत्मविश्वास मिला है।”

श्रीजेश ने कहा, “हमें अपना सर्वश्रेष्ठ देने की जरूरत है और हमारी कोशिश ऐसा करने की होगी।”

वहीं बेल्जियम ने पिछले कुछ समय में काफी बेहतर प्रदर्शन किया है। बेल्जियम ने 1920 में इकलौता पदक हासिल किया था। इस ओलम्पिक में कांस्य पदक जीतने के बाद वह दोबारा पदक हासिल नहीं कर पाई है।

बेल्जियम की टीम काफी अनुभवी है। हालांकि वह विश्व रैकिंग में भारत से एक स्थान पीछे छठे नंबर पर है।

श्रीजेश ने कहा, “हम यह नहीं कह सकते की वह हमसे कम रैंकिंग वाली टीम है और इसलिए हम उनको आसानी से हरा सकते हैं। उन्होंने अपने पूल में चार जीत दर्ज की हैं।”

उन्होंने कहा, “इसलिए वह मुश्किल टीम है। लेकिन मेरा मानना है कि हम किस तरह दबाव झेलते हैं इस पर काफी कुछ निर्भर करेगा।”

–आईएएनएस