लखनऊ : मायावती की रैली में भगदड़, 2 महिलाओं सहित 3 की मौत

लखनऊ, 9 अक्टूबर । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के जेल रोड स्थित कांशीराम स्मारक स्थल पर आयोजित बहुजन समाज पार्टी की रैली के समापन बाद मची भगदड़ और धक्का-मुक्की में दो महिलाओं सहित तीन लोगों की मौत हो जाने की सूचना है।

भगदड़ में हालांकि एक महिला के मरने की पुष्टि हो गई है, जबकि दूसरी महिला व एक अन्य की मौत की अभी अधिकृत रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। इस हादसे में कम से कम 22 लोग घायल हुए हैं।

रैली स्थल के मुख्य गेट पर हुए इस हादसे में करीब डेढ़ दर्जन लोग घायल भी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने सभी घायलों को समीप के लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कराया है। उधर, रैली में मरने वालों के परिजनों को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुआवजे का ऐलान भी कर दिया है।

फोटो: लखनऊ में  9 अक्टूबर, 2016 को बसपा प्रमुख मायावती की रैली के आयोजन स्थल में मची भगदड़ के बाद बिखरे हुए जूते और सामान। 

 

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये व बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने 5-5 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री ने बसपा की रैली के दौरान भगदड़ से लोगों की मौत पर दुख जताया है। उन्होंने घायलों को मुफ्त में इलाज कराने की सुविधा देने का निर्देश दिया है।

अखिलेश के बाद बसपा की मुखिया मायावती ने रैली के बाद भगदड़ में दोनों महिलाओं की मौत पर शोक जताया है।

पार्टी के महासचिव नसीमुद्दीन ने बताया कि पार्टी की मुखिया के निर्देश पर मृतक के आश्रितों को पार्टी की तरफ से पांच-पांच लाख रुपये की मदद दी जाएगी।

बसपा के प्रदेश अध्यक्ष राम अचल राजभर ने हालांकि कहा कि रैली के बाद भयंकर गर्मी तथा उमस के कारण दो महिलाओंे की मौत हुई है। रविवार को हुए इस रैली के दौरान या बाद में कोई भगदड़ नहीं हुई थी।

पुलिस के मुताबिक, पुरानी जेल रोड पर स्थित कांशीराम स्मारक स्थल पर रैली खत्म होने के बाद बाहर निकलने की आपाधापी में धक्का-मुक्की के बीच अचानक भगदड़ मच गई।

हालांकि पुलिस ने अभी तक एक ही महिला के मरने की पुष्टि की है। रैली स्थल के मुख्य गेट पर हुए इस हादसे में करीब 22 लोग घायल भी हुए हैं।

भगदड़ मचने के बाद अफरातफरी के बीच पुलिस ने सभी घायलों को लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस के मुताबिक, बसपा अध्यक्ष मायावती का भाषण समाप्त होने के बाद बाहर निकलने को लेकर होड़ मच गई, जिससे भीड़ में दो महिलाएं गिर गईं और लोग दोनों को रौंदते हुए आगे निकलते रहे। इसी दौरान दम घुटने से दोनों महिलाओं की मौत हो गई। मृतक महिला शांति देवी (65 वर्ष) पुत्ती विधूना की पत्नी थी। वह कानपुर की निवासी है।

वहीं दूसरी मृतक महिला की शिनाख्त अभी नहीं हो सकी है। वहीं इस संबंध में जिला व पुलिस प्रशासन की ओर से कोई पुष्टि नहीं की गई है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, इतनी बड़ी रैली में सुरक्षा का कोई खास इंतजाम नहीं किया गया था।(आईएएनएस/आईपीएन)