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शहीद हुए पुलिसकर्मियों के परिजनों को एक करोड़ रूपये की सम्मान निधि

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने शहीद हुए पुलिसकर्मियों के परिजनों को एक करोड़ रूपये की सम्मान निधि देने का फैसला किया है। अभी तक देश में 35 हजार 700 पुलिसकर्मी शहीद हुये हैं। इनमें बड़ी संख्या में मध्यप्रदेश के पुलिसकर्मी शामिल हैं।

देश और समाज की रक्षा करते हुये शहीद हुए पुलिसकर्मियों के सम्मान में  मध्यप्रदेश में   आयोजित कार्यक्रमों का स्वरूप बदला जायेगा। इन कार्यक्रमों से आमजन और विद्यार्थियों को जोड़ा जायेगा।

शहीदों के गाँवों में उनके स्मारक बनाये जायेंगे और उनकी शौर्य गाथाओं की प्रदर्शनियाँ लगाई जायेंगी।

ये घोषणाएं मुख्यमंत्री चौहान ने 21 अक्टूबर, 2017 को यहाँ पुलिस स्मृति दिवस परेड कार्यक्रम में की।

पुलिसकर्मी भौतिक सुख-सुविधाओं का त्याग कर समाज की रक्षा करते हैं। वे न केवल कठिन परिस्थितियों में अपने प्राण हथेली पर रखकर कानून-व्यवस्था कायम करते हैं, बल्कि बाढ़, आगजनी आदि प्राकृतिक आपदाओं के समय भी आमजन की मदद करते हैं। समाज को पुलिस के प्रति सम्मान व्यक्त करना चाहिये।

चौहान ने कहा कि हमें मध्यप्रदेश पुलिस पर गर्व है। पुलिस जवानों ने असाधारण शौर्य का परिचय देते हुए प्रदेश में डकैत समस्या का खात्मा किया, नक्सल और आतंकवाद की गतिविधियों को नियंत्रित किया।

चौहान ने विगत दिनों ड्यूटी के दौरान शहीद पुलिसकर्मी बालमुकुन्द प्रजापति, रायसेन जिले में शहीद जवान इंद्रसेन तथा भोपाल केन्द्रीय जेल से भागे सिमी के आतंकियों से हुई मुठभेड़ में शहीद प्रधान आरक्षक  रमाशंकर यादव की शहादत को याद किया।

पुलिस महानिदेशक आर.के. शुक्ला ने कहा कि समाज में आतंरिक शांति कायम करना कठिन कार्य है, जिसे पुलिस ने कर दिखाया है।