Companies show interest in developing protected monuments

संरक्षित स्मारकों को विकसित करने में कंपनियों ने रुचि दिखाई

नई दिल्ली, 07 दिसंबर। देश के संरक्षित स्मारकों को विकसित करने और सुविधाएं प्रदान करने के लिए निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने रुचि दिखाई है।
आज राज्यसभा में यह जानकारी देते हुए केन्द्रीय संस्कृति, पर्यटन और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री जी.किशन रेड्डी ने बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने सीएसआर निधियों के माध्यम से संरक्षित स्मारकों को विकसित करने और सुविधाएं प्रदान करने के लिए निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की सहभागिता के लिए एक फ्रेमवर्क विकसित किया है।
केन्द्रीय संस्कृति मंत्री ने “एडॉप्ट ए हेरिटेज प्रोग्राम 2.0” का परिवर्धित संस्करण लॉन्च किया ताकि आंगतुकों के अनुभव को बेहतर किया जा सके और उन्हें आगंतुकों के अनुकूल बनाया जा सके।
उन्होंने कहा कि कई निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने इस योजना में अपनी दिलचस्पी दिखाई है और विभिन्न हितधारकों के साथ विचार-विमर्श किया गया। हालांकि, अब तक किसी भी प्रस्ताव को अंतिम रूप नहीं दिया गया है।