Heavy rainfall expected in eastern and northern India for the next week

पूर्वी और उत्तर भारत में अगले एक सप्ताह तक भारी बारिश के आसार

नई दिल्ली, 16 जुलाई। उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बने सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से देश के पूर्वी, उत्तर-पूर्वी और उत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले सात दिनों तक व्यापक वर्षा होने की संभावना है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने ओडिशा, बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश तथा पूर्वोत्तर के राज्यों में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है।

मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे तक उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र और अधिक संगठित होकर सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र में बदल गया है। इसके अगले दो दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए उत्तरी ओडिशा और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ने की संभावना है। इसी प्रणाली के प्रभाव से पूर्वी भारत में वर्षा की गतिविधियां तेज बनी रहेंगी।

विभाग ने कहा है कि अगले सात दिनों के दौरान पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के अधिकांश हिस्सों में व्यापक वर्षा होगी। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी आगामी दिनों में वर्षा की गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होने के संकेत हैं। वहीं पश्चिमी, मध्य तथा दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश भागों में वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना व्यक्त की गई है।

आईएमडी के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान ओडिशा में अत्यधिक भारी वर्षा दर्ज की गई। अरुणाचल प्रदेश, असम और बिहार में बहुत भारी वर्षा हुई, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, कोंकण, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, नागालैंड और त्रिपुरा में भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई। ओडिशा के बांकी में 21 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो देश में सर्वाधिक रही। बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के मैनाटांड़ में 15 सेंटीमीटर तथा असम के तिनसुकिया जिले के मार्गेरिटा में 16 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई।

मौसम विभाग ने ओडिशा में 16 जुलाई को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी तथा कहीं-कहीं अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताई है। इसके अलावा बिहार, झारखंड, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी अलग-अलग दिनों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने का अनुमान है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी 18 से 22 जुलाई के बीच भारी वर्षा का दौर चल सकता है।

पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले सप्ताह तक व्यापक वर्षा जारी रहने की संभावना है। इनमें से कई राज्यों में भारी और बहुत भारी वर्षा का भी पूर्वानुमान जारी किया गया है।

मौसम विभाग ने कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं की भी चेतावनी दी है। पंजाब और गुजरात के कुछ हिस्सों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं बिहार, झारखंड, ओडिशा, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, विदर्भ, मराठवाड़ा, सौराष्ट्र एवं कच्छ सहित कई क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में मौसम का अलग स्वरूप देखने को मिल सकता है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 16 जुलाई को लू चलने की आशंका व्यक्त की गई है, जबकि तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 16 और 17 जुलाई को गर्म एवं उमस भरा मौसम बना रह सकता है।

समुद्री क्षेत्रों के लिए भी मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में तेज हवाओं और खराब समुद्री परिस्थितियों को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से ओडिशा और पश्चिम बंगाल तट, उत्तर एवं मध्य बंगाल की खाड़ी, गुजरात तट तथा उत्तर-पश्चिम अरब सागर के क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक समुद्र उग्र रहने की संभावना है।

मौसम विभाग ने लोगों से स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी परामर्श का पालन करने तथा भारी वर्षा, जलभराव और तेज हवाओं के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।