Streetcars could run in Delhi, just like in New Orleans

न्यू ऑरलियन्स की तरह दिल्ली में भी चल सकती हैं स्ट्रीटकार

अमेरिका के लुइज़ियाना राज्य के ऐतिहासिक शहर न्यू ऑरलियन्स, New Orleans, दुनिया के उन चुनिंदा शहरों में है जहाँ लगभग दो शताब्दियों पुरानी स्ट्रीटकार (ट्राम) व्यवस्था आज भी नियमित रूप से संचालित हो रही है। शहर की प्रसिद्ध कैनाल स्ट्रीट और सेंट चार्ल्स एवेन्यू पर चलने वाली ये स्ट्रीटकारें केवल सार्वजनिक परिवहन का साधन नहीं, बल्कि शहर की सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन का महत्वपूर्ण आकर्षण भी हैं।

विद्युत शक्ति से चलने वाली इन स्ट्रीटकारों में लगभग 40–42 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होती है, जबकि खड़े यात्रियों सहित लगभग 75 लोग एक साथ यात्रा कर सकते हैं। कम ऊर्जा खपत, कम प्रदूषण और सड़क पर कम शोर के कारण इन्हें पर्यावरण के अनुकूल परिवहन माना जाता है।

क्या भारत की सड़कों के लिए यह व्यवस्था उपयुक्त है?

भारत के कई बड़े शहरों में बढ़ते ट्रैफिक, प्रदूषण और ईंधन की बढ़ती लागत को देखते हुए आधुनिक स्ट्रीटकार प्रणाली एक उपयोगी विकल्प बन सकती है। हालांकि इसे सामान्य सड़कों पर चलाना व्यावहारिक नहीं होगा। इसके लिए सड़क के बीच या किनारे समर्पित (Dedicated) ट्रैक तथा सुव्यवस्थित यातायात प्रबंधन आवश्यक है।

जहाँ सड़कें चौड़ी हैं और यात्रियों की संख्या अधिक है—जैसे नई विकसित नगरियाँ, स्मार्ट सिटी, व्यावसायिक क्षेत्र या पर्यटन केंद्र—वहाँ आधुनिक स्ट्रीटकार सफल हो सकती है। भारत में पहले से ही Kolkata का ट्राम नेटवर्क इसका ऐतिहासिक उदाहरण है, जो एशिया का सबसे पुराना संचालित ट्राम नेटवर्क माना जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दिल्ली, अहमदाबाद, लखनऊ, जयपुर, चंडीगढ़ या नई विकसित स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में आधुनिक, वातानुकूलित और कम-फर्श (Low Floor) स्ट्रीटकारें समर्पित कॉरिडोर पर चलाई जाएँ, तो वे मेट्रो और बस सेवा का प्रभावी पूरक बन सकती हैं। इससे प्रदूषण कम होगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और शहरी परिवहन अधिक टिकाऊ बन सकेगा।

न्यू ऑरलियन्स की स्ट्रीटकार यह सिद्ध करती है कि यदि किसी सार्वजनिक परिवहन प्रणाली का समय-समय पर आधुनिकीकरण किया जाए, तो वह सौ वर्ष से भी अधिक समय तक शहर की पहचान और उसकी जीवनरेखा बनी रह सकती है।
(05 July, 2026)

Image: Streetcar on Canal Street, Mid-City New Orleans