Tourism

छत्तीसगढ़ में वाटर-एडवेंचर टूरिज्म की असीम संभावनाएं

===ए.बी.काशी=== छत्तीसगढ़ में वाटर-एडवेंचर टूरिज्म (Water-adventure tourism) की असीम संभावनाएं है। यहां जंगल, पहाड़, नदी, जलाशय और ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के अनेक दर्शनीय स्थल है।

प्रदेश में लोकल टूरिज्म को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप पर्यटन मंत्री  ताम्रध्वज साहू के कुशल नेतृत्व में कार्य-योजना तैयार की गयी है।

कार्य योजना में छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए वेलनेस टूरिज्म, वाटर टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, एग्रो टूरिज्म और फिल्म टूरिज्म को शामिल किया गया है। पर्यटन विभाग द्वारा पर्यटन के क्षेत्र में निजी निवेश एवं ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नयी पर्यटन नीति तैयार की गयी है।

छत्तीसगढ़ में राम वन गमन पर्यटन परिपथ में आने वाले 75 स्थलों का चयन किया गया है। प्रथम चरण में 9 स्थानों-सीतामढ़ी हरचौका, रामगढ़, शिवरीनाराण, तुरतूरिया, चन्दखुरी, राजिम, सिहावा सप्तऋषि आश्रम, जगदलपुर एवं रामाराम के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए 137 करोड़ 45 लाख रूपए की कार्य-योजना पर काम शुरू हो गया है।

छत्तीसगढ़ को वाटर-एडवेंचर टूरिज्म (Water-adventure tourism) के रूप में भी पहचान दिलाने हसदेव बांगो डैम सतरेंगा का विकास कार्य पूर्ण हो गया है।

वाटर-एडवेंचर टूरिज्म (Water-adventure tourism) की पर्याप्त संभावनाओं को देखते हुए मुरूमसिल्ली एवं गंगरेल डैम धमतरी, हसदेव बांगो डैम कोरबा, संजय गांधी जलाशय (खुटाघाट) रतनपुर, सरोधा डैम कबीरधाम, समोधा बैराज एवं कोडार डैम रायपुर, मलानिया जलाशय गौरेला और दुधावा जलाशय कांकेर का चयन किया गया है।

ऐतिहासिक पर्यटन स्थल सिरपुर को विकसित करने के लिए सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के माध्यम से कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही पर्यटन की दृष्टि से सिरपुर की साइट को और अधिक विकसित किया जा रहा है।

पब्लिक प्रायवेट पार्टनरशिप (पी.पी.पी.) के माध्यम से रायपुर स्थित होटल जोहार छत्तीसगढ़ परिसर को उच्च स्तरीय पर्यटन एवं व्यवसायिक परिसर के रूप में विकसित किया जा रहा है।

माना-तूता में लगभग 80 एकड़ भूमि पर थीम-एम्यूजमेंट पार्क विकसित करने और मैनपाट रिसॉर्ट एवं पंड्रापाट रिसॉर्ट को वेलनेस सेंटर-नेचर केयर सेंटर के रूप में विकसित करने  का कार्य प्रारंभ हो गया है।

छत्तीसगढ़ में लोकल टूरिज्म (tourism) को बढ़ावा देने के लिए ट्राईबल टूरिज्म सर्किट के तहत जशपुर एवं कमलेश्वरपुर (मैनपाट) सरगुजा और कुरदर, सरोधादादर, कोण्डागांव, जशपुर एवं कुनकुरी के विभिन्न मोटल-रिसॉर्ट का शीघ्र ही लोकार्पण किया जाना है।

दामाखेड़ा में पर्यटकों की सुविधा के लिए कबीर सागर में विभिन्न विकास परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। सूरजपुर की पहाड़ी में स्थित बागेश्वरी देवी मंदिर और कुदरगढ़ के पर्यटकों की सुविधा के लिए रोप वे निर्माण की तैयारी चल रही है।

पर्यटन विभाग की पहल पर मां बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ़ को भारत सरकार की प्रसाद योजना के तहत सैद्धांतिक अनुमोदन मिल गयी है।

स्वदेश दर्शन योजना के तहत ईको टूरिज्म (tourism_) सर्किट के विकास के लिए कॉन्सेप्ट प्लान अनुमोदन के लिए भारत सरकार को भेजा गया है।