budget

मेरे हौसलों की उड़ान अभी बाकी है…..अशोक गहलोत

–नीति गोपेन्द्र भट्ट– राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत विधानसभा में 24 फ़रवरी 2021 कोअपनी सरकार का  बजट (Budget) पेश करते हुए इस बार एक नए रूप और अंदाज में दिखाई दिए ।

अपने भाषण में गहलोत पूरी तरह आत्मविश्वास से भरें हुए थे । उन्होंने बजट भाषण में  कविताएं तथा उर्दू के  शेर पढ़ कर एक तीर से एक साथ कई निशाने साधे तथा विपक्ष और अपने विरोधियों को कई स्पष्ट सन्देश भी दिए।

उन्होंने सदन में बैठी पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की ओर इशारा करते हुए मजाकिया अंदाज में कहा कि हमने आपकी  शेरो- शायरी भी बहुत सुनी है मैडम …..

उन्होंने कहा-
मेरे हौसलों में अभी बहुत जान बाकी है
ये तो दौड भर थी, अभी उड़ान बाकी है II

बताया गया कि यह देश में  सबसे लंबा बजट भाषण था जिसमें गहलोत ने सात बार पानी पीकर अपने विरोधियों पर तीखे व्यंग्य बाण छोड़ें । वैसे भी रेगिस्तान प्रधान राजस्थान में पानी अपने आप में एक बड़ा मुद्दा है I

उन्होंने प्रदेश की जनता को घर- घर शुद्ध पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए कई  घोषणाएं  की। गहलोत ने अपने बजट भाषण में शुद्ध जल के लिये 478 करोड़ का प्रावधान रखा है। हालांकि केंद्र की राजग  सरकार भी  नल से घर घर तक शुद्ध पेय जल  पहुंचाने  के एजेंडा पर काम कर रहीं है।

यह संयोग ही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र में पानी की जिम्मेदारी राजस्थान के सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत को जल संसधान मंत्री बनाकर दी है।

शेखावत, मुख्यमन्त्री गहलोत के गृह नगर जोधपुर से ही हैं। बजट पूर्व गहलोत ने  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नीति आयोग की बैठक में प्रदेश की  13  ज़िलों में पेयजल और सिचाई की समस्या का  समाधान करने  करीब चालीस हज़ार करोड़ रु की ‘पूर्वी राजस्थान केनाल प्रोजेक्ट’ को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की अपने वादे को पूरा करने का आग्रह किया हैं ।

गहलोत ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल के तीसरे बजट में हर वर्ग को साधने की कोशिश की और बजट को  ‘सर्वजन हिताय’ बताया  गया।

बजट में कृषि,स्वास्थ,शिक्षा पर फोकस दिया  गया,साथ ही  युवाओं को लुभाने की भी ईमानदार  कोशिश की गई। प्रदेश के सभी नागरिकों को आयुष्यमान महात्मा गांधी भामाशाह योजना के अंतर्गत पांच लाख रु तक के  बीमा कवर  के अंतर्गत लाये  जाने और सभी महिलाओं को सेनेटरी नेपकिन उपलब्ध करवाने आदि महत्वपूर्ण घोषणाओं को भी शामिल किया गया ।

गहलोत ने कहा कि यह जादूगर की जादूगरी है….आप देखते जाइए…. शेर के माध्य्म से उन्होंने विरोधियों को सीधा सन्देश दिया कि उनके पहनावे और सादगी को लेकर उन्हें यूं ही हलके में न लिया जाये। गहलोत ने कहा कि –

मेरी सादगी से मेरे बारे में अंदाजा मत लगाना
यह तो शुरुआत  भर थी ,अंजाम अभी बाकी है।I

राजनीति के जानकार गहलोत के बजट भाषण  का विश्लेषण अपने -अपने ढंग से कर रहे हैं I

गहलोत ने  बजट भाषण में केंद्र  सरकार से लेकर राज्य के विपक्षी नेताओं और पार्टी में अपने विरोधियों को जो सन्देश दिया उसका सार यही है कि पिक्चर अभी बाकी है। वह मैदान छोड़कर जाने वालों में से नही हैं।  विरोधियों पर निशाना साधने के बाद यही मायने निकाले जा रहे हैं कि गहलोत अब खुलकर मुकाबले को तैयार हैं।

एक  शेर में गहलोत ने कहा-

निगाहों में मंजिल थी,गिरे और गिरकर संभलते रहे।
हवाओं ने बहुत कोशिश की,मगर चिराग आंधियों में भी जलते रहे।

उल्लेखनीय हैं कि गहलोत को अपने दो साल के कार्यकाल में अपनों और गैरों  दोनों से जूझना पड़ा।

उन्होंने अपनी सरकार में उप मुख्यमंत्री रहे नेता की अगुवाई में डेढ़ दर्जन विधायकों द्वारा सरकार के खिलाफ बगावती रुख अख्तियार करने वाले पायलट को भी इशारों में बहुत कुछ कह दिया ।

केंद्र सरकार और उनके मंत्री भी आरोप के घेरे में आये। गहलोत ने अपने अनुभव से अपनी सरकार को विरोधियों की आक्रमण से बचाया । अब भी उनके विरोधी और विपक्ष सरकार को अस्थिर करने की कोशिश में लगे बताये जाते हैं।

गहलोत ने अपने बजट में प्रदेश की जनता के लिए कई लोक लुभावन घोषणाएं कर कोशिश की कि कोरोना से बिगड़े हालातों   को कैसे फिर से पटरी पर लाया जाये।

बजट पेश करते हुए गहलोत के जेहन में  प्रदेश की चार विधानसभा सीटों में होने वाले उप चुनावों को जीतने की बात भी रही और इसके बीच उन्होंने दलगत राजनीति से ऊपर उठते हुए पिछले दिनों कोरोना एवं अन्य वजहों से दिवंगत हुए विधायकों अपने मंत्रिमंडल के साथी वरिष्ठ केबिनेट मंत्री मास्टर भंवर लाल मेघवाल,कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक कैलाश त्रिवेदी, पूर्व गृह मंत्री गुलाब सिंह शक्तावत के पुत्र गजेंद्र सिंह शक्तावत और भाजपा की किरण माहेश्वरी के नाम से उनके विधानसभा क्षेत्रों में  कन्या विधालय खोलने की घोषणा भी कर दी ।

बजट बाद अपनी प्रेस ब्रीफिंग में उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि उनकी सरकार को कोई नही डिगा सकता । सरकार पांच साल तक चलेगी और  फिर चुनाव जीतेगी।