20 फरवरी से नकदी निकासी सीमा 50000 रुपये, 13 मार्च से सीमा समाप्त

मुंबई, 8 फरवरी | भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने नोटबंदी के बाद बचत बैंक खाते से निकासी की सीमा 20 फरवरी से 50,000 रुपये कर दी है। शीर्ष बैंक ने बुधवार को कहा कि खाते से रकम निकासी पर लगी सभी प्रकार की सीमा 13 मार्च से समाप्त कर दी जाएगी। आरबीआई के उप गवर्नर आर. गांधी ने केंद्रीय बैंक द्वारा द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा के बाद यह जानकारी दी। इसमें आरबीआई ने प्रमुख ब्याज दर को 6.25 फीसदी पर अपरिवर्तित रखा है और कहा है कि वह नोटबंदी के असर का पूरी तरह खत्म होने का इंतजार कर रहा है, जिसे सरकार ने 8 नवंबर को लागू किया था।

आरबीआई ने 30 जनवरी को चालू खाता, कैश क्रेडिट एकाउंट और ओवरड्राफ्ट एकाउंट से निकासी पर लगी सभी किस्म की सीमा को खत्म कर दिया था।

आरबीआई ने 8 नवंबर को 1000 और 500 रुपये के नोटों पर प्रतिबंध के बाद खातों से निकासी पर सीमा लगाई थी। उस वक्त एटीएम से निकासी की अधिकतम सीमा 2,500 रुपये थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 4,500 रुपये कर दिया गया था।

जनवरी ने आरबीआई ने एटीएम से निकासी की सीमा को बढ़ाकर 10,000 रुपये और करेंट एकाउंट से निकासी की सीमा को बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया था।

अब 13 मार्च से एटीएम से निकासी पर किसी प्रकार की सीमा नहीं होगी, जबकि नोटबंदी से पहले भी यही स्थिति थी। देखना यह है कि आरबीआई इसके बाद नागरिकों की नकदी की मांग को पूरा कर पाता है या नहीं।    –आईएएनएस