शिक्षक पीढ़ियों को निर्मित करने में भविष्य का आधार : रूपाणी

गांधीनगर, 06 सिंतंबर (जस)। गुजरात के मुख्यमंत्री विजयभाई रूपाणी ने राज्य की श्रेष्ठ भावी पीढ़ी का निर्माण करने वाले समग्र शिक्षा जगत को राज्य सरकार की ओर से शिक्षक दिवस पर वन्दन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक पीढ़ियों को निर्मित करने में भविष्य का आधार हैं। उसमें कोई कमी राज्य- राष्ट्र के निर्माण को कमजोर बनाएगी, इसकी चिंता के साथ प्रत्येक शिक्षक शिक्षा में प्राण फूंककर बालकों को सक्षम बनाए, दक्ष बनाए यह समय की मांग है।

उन्होंने कहा कि गुजरात का शिक्षक श्रेष्ठता के मानदंडों पर खरा उतरकर राज्य के सर्वांगीण विकास में योगदान देनेवाली युवा पीढ़ी का सिंचन करे और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहे, यह हमारा संकल्प है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शिक्षक समुदाय उनकी इस भावना को अवश्य साकार करेगा।

मुख्यमंत्री विजयभाई रूपाणी ने सोमवार को गांधीनगर में आयोजित श्रेष्ठ शिक्षक पारितोषिक अवार्ड वितरण समारोह में शिक्षकों को प्रेरणा देते हुए कहा कि शिक्षक और डॉक्टर नोबेल प्रोफेशन हैं। समाज में अपनी सेवा परायणता, कर्तव्य धर्म और चारीत्र्य निर्माण से राष्ट्रभावना जगाने का सेवा दायित्व ही शिक्षकों को गोविन्द से भी उच्च स्थान प्रदान करता है।

रूपाणी ने कहा कि आनेवाले युग और सदी को शिक्षा और ज्ञान की सदी बनाना है। ऐसे में श्रेष्ठ समाज- श्रेष्ठ राज्य- राष्ट्र निर्माण के लिए नयी पीढ़ी तैयार करने वाले प्रतिबद्ध शिक्षकों का नवीन समूह तैयार करने का संकल्प प्रत्येक शिक्षक को रखकर सर्वांगीण समाज की रचना करने वाले तैयार करने होंगे।

इस समारोह में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और मंत्रियों ने 42 शिक्षकों को 51,000 रुपए नकद, शॉल और ताम्र पत्र प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया। कुल 21.42 लाख के नकद पुरस्कार एक ही दिन में राज्य सरकार ने प्रदान किए। शिक्षक दिवस पर राज्य के जिला केन्द्रों और तहसील मुख्यालय स्तर पर श्रेष्ठ योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित करने की नवीनतम परम्परा गुजरात में गत वर्ष से शुरु की गई है।

इसके अंतर्गत जिला स्तर पर 62 और तहसील स्तर पर 132 शिक्षकों को समानित किया गया। तहसील स्तर पर श्रेष्ठ शिक्षकों को पांच हजार और जिला स्तर पर शिक्षकों को 15,000 के नकद पुरस्कार राज्य सरकार प्रदान करती है।