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नम्बर की जगह स्माइली मिलेगी कक्षा 1 और 2 के बच्चों को

मध्यप्रदेश के सरकारी प्रायमरी और मिडिल स्कूलों में होने वाले वार्षिक मूल्यांकन की तिथियाँ राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा घोषित की गई हैं। कक्षा 3 से 8 तक का वार्षिक मूल्यांकन का कार्य इस वर्ष 7 मार्च से 31 मार्च तक होगा।

कक्षा 1 और 2 के विद्यार्थियों का मूल्यांकन उत्तर-पुस्तिका के स्थान पर अभ्यास पुस्तिका के आधार पर किया जायेगा। छोटे बच्चों को भयमुक्त वातावरण में आंनददायी तरीके से मूल्यांकन के लिये उनकी अभ्यास पुस्तिकाओं में प्राप्तांक के स्थान पर स्माइली अंकित किये जायेंगे।

इस वर्ष नया शिक्षण सत्र एक अप्रैल से शुरू होगा। वार्षिक मूल्यांकन और नये शिक्षण सत्र की तैयारियों के संबंध में जिला शिक्षाधिकारियों और राज्य शिक्षा केन्द्र के जिला समन्वयकों को निर्देश जारी किये गये हैं।

विद्यार्थियों के मूल्यांकन के संबंध में नेशनल केरीकुलम फ्रेम वर्क में अनुशंसा की गई है कि भयमुक्त वातावरण में बच्चों के सीखने-सिखाने की प्रक्रिया एवं मूल्यांकन किया जाये। अनिवार्य शिक्षा अधिनियम (आरटीई-2009) में भी विद्यार्थियों के सतत एवं व्यापक मूल्यांकन किये जाने का प्रावधान किया गया है। स्कूल शिक्षा मंत्री कुँवर विजय शाह द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुसार मूल्यांकन प्रक्रिया में बदलाव किया गया है।

सरकारी स्कूलों की कक्षा 1 एवं 2 में बच्चों का 50 प्रतिशत लिखित एवं 50 प्रतिशत मौखिक रूप से मूल्यांकन किया जायेगा। इसमें हिन्दी, गणित एवं अंग्रेजी की अभ्यास-पुस्तिका में लिखित रूप से कार्य करवाया जायेगा।

लर्निंग आउटकम्स की आवश्यकतानुसार बच्चों की उपलब्धि का स्तर मौखिक मूल्यांकन द्वारा किया जायेगा और इन्हीं मूल्यांकन के आधार पर विद्यार्थियों के नवीन प्रगति-पत्रक भरे जायेंगे।

सरकारी स्कूलों में हिन्दी, गणित और अंग्रेजी के लिये लर्निंग आउटकम्स आधारित नवीन प्रगति-पत्रक तैयार किये गये हैं। इनमें शिक्षक द्वारा बच्चे की उपलब्धि का स्तर स्माइली चिन्हों द्वारा अंकित किया जायेगा।

विद्यार्थी ने दक्षता प्राप्त कर ली है तो उसके लिये 3 स्माइली प्रदान किये जायेंगे। अगर विद्यार्थी किसी दक्षता को सीखने के स्तर पर है तो दो स्माइली चिन्ह और विद्यार्थी के अधिक प्रयास की जरूरत है तो उसके प्रगति-पत्रक पर एक स्माइली चिन्ह अंकित किया जायेगा।

कक्षा 1 और 2 के प्रगति-पत्रक में बच्चे के व्यक्तिगत और सामाजिक गुणों में उपलब्धि की स्थिति भी अंकित की जायेगी।

सरकारी स्कूलों में कक्षा 3 एवं 4 के मूल्यांकन का समय प्रात: 11.30 से दोपहर 2 बजे तक और कक्षा 6 और 7 का मूल्यांकन प्रात: 11.30 से दोपहर 2.30 बजे तक होगा। कक्षा 5वीं का मूल्यांकन प्रात: 8 बजे से प्रात: 10.30 बजे के बीच और कक्षा-8वीं का मूल्यांकन प्रात: 8 बजे से प्रात: 11 बजे के बीच होगा।

राज्य शिक्षा केन्द्र के संचालक लोकेश जाटव ने बताया कि कक्षा 1 से 4 तक और कक्षा 6 और 7 की उत्तर-पुस्तिकाओं का मूल्यांकन, परीक्षाफल और सांख्यिकी निर्माण शाला स्तर पर किया जायेगा।

कक्षा 5 और 8 की उत्तर-पुस्तिकाओं का मूल्यांकन निर्धारित मूल्यांकन केन्द्र पर किया जायेगा। इन कक्षाओं का परीक्षाफल एवं सांख्यिकी निर्माण शाला स्तर पर किया जायेगा। सभी जिलों को निर्देशित किया गया है कि कक्षा 1 से 8 का वार्षिक मूल्यांकन परिणाम 30 अप्रैल तक अनिवार्य रूप से किया जाये।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम का हवाला देते हुए बताया गया है कि शाला में दर्ज बच्चों में से वार्षिक मूल्यांकन में शामिल सभी बच्चों को वर्तमान कक्षा से अगली कक्षा में प्रवेश दिया जाये और एक अप्रैल से इन बच्चों को अगली कक्षा में बैठाकर शिक्षण प्रारंभ करवाया जाये।