Strong women are the foundation of a strong society

सशक्त समाज की नींव होती हैं सशक्त नारी

नई दिल्ली: 29 दिसंबर। GIWA-ग्रेट इंडियन विमेन अवॉर्ड से सम्मानित, गुजराती भाषा की विशेषज्ञ, न्यूमरोलॉजिस्ट और लेखक श्रीमती संगीता शुक्ला ने कहा, एक सशक्त नारी ही सशक्त समाज की नींव होती है महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति के समर्थन की आवश्यकता है। देश भर में कई सरकारी योजनाएं मौजूद हैं, लेकिन वे तभी प्रभावी होंगे जब हम अन्य महिलाओं को उनके बारे में बताएंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि वे उनका लाभ उठाएं।

Sangeeta Shukla receiving Smt. Santosh Kochhar Award

महिला सशक्तिकरण के लिए काम करने वाले रोशनी NGO ने दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशनल क्लब में बुधवार को एक सम्मान समारोह में विशेष अतिथि के रूप में उन्होंने कहा, रोशनी NGO अपनी रोशनी से हज़ारों-लाखों महिलाओं को आगे बढ़ाने और नई राह दिखाने का प्रयास कर रहा है। महिलाओं को समान अधिकार और अवसर देना ही महिला सशक्तिकरण है।
विकासशील भारत में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर श्रीमती संगीता शुक्ला ने कहा, “आज कोई क्षेत्र में ऐसा नहीं है जिसमें महिलाएं काम नहीं कर रही हैं। अतीत के विपरीत, आज महिलाएं अपने और अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए काम करने और जीविका कमाने के लिए अपने घरों से बाहर जाती हैं। महिलाएं पायलट बनकर फाइटर प्लेन चला रही हैं। शिक्षा, खेल, स्वास्थ्य, राजनीति कोई भी क्षेत्र हो, महिलाएं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रही हैं। महिलाएं पूरी मेहनत से अपने सपनों को साकार कर रही है। आधुनिक समाज महिलाओं के अधिकारों के प्रति अधिक जागरूक हो रहा है, जिससे इस क्षेत्र में काम करने वाले गैर-सरकारी संगठनों, स्वयं सहायता समूहों और अन्य संगठनों की संख्या में वृद्धि हुई है।”
जानी-मानी न्यूमरोलॉजिस्ट श्रीमती संगीता शुक्ला ने बताया कि  नया साल 2024 का कुल नंबर 8 है। यह साल शनि का होता है यानि अगला साल एक कर्म प्रधान वर्ष होगा। आप जैसा कर्म करेंगे आपको उसका वैसा ही फल मिलेगा।
कार्यक्रम के अंत में कुछ महिलाओं को विषम परिस्थितियों के बावजूद दूसरों के लिए प्रेरणा बनने के लिए सर्टिफिकेट और पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया गया।
गौरतलब है कि रोशनी NGO पिछले 10 साल से देश की गरीब, वंचित महिलाएं, बच्चों और वृद्ध महिलाओं के लिए लगातार काम कर रहा है। यह कार्यक्रम स्वर्गीय संतोष कोचर की याद में आयोजित किया गया था जो एक स्वयंसेवी थी और उन्होंने गरीब महिलाओं की शिक्षा, उद्यमिता और स्वास्थ्य के लिए बहुत काम किया था। ‘प्रोजेक्ट कुसुम’, ‘प्रोजेक्ट अमृत’ और ‘कुशल नारी सफल नारी’ जैसे कई कैंपेन के माध्यम से रोशनी NGO महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में काम कर रहा है।