उत्तराखण्ड के चार धामों को आपस में जोड़ने के लिए रेल सर्किट बनेगा

देहरादून, 10 मई (जनसमा)। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि प्रदेश के चार धामों को आपस में जोड़ने के लिए रेल सर्किट विकसित किया जायेगा। रेल मंत्री सुरेश प्रभु 13 मई को इसका शिलान्यास करेंगे। इससे जोशीमठ, सोनप्रयाग भी रेल से जुड़ेंगे।

बुधवार को सहस्त्रधारा रोड़ स्थित हिम ज्योति स्कूल में आयोजित कार्यकम में प्रतिभाग करने के बाद मौजूद पत्रकारों से बातचीत करते हुए त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2015 में पानीपत से ‘बेटी बचाओबेटी पढ़ाओ’ अभियान प्रारम्भ किया गया था। इसके बाद वहां बेटियों का अनुपात 837 से 950 तक पहुंच गया है। उत्तराखण्ड में पिथौरागढ़ में बालिका अनुपात की स्थिति ठीक नहीं है। अधिकारियों को पिथौरागढ़ के लिए विशेष योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। जनजागरूकता जरूरी है। जो भी कन्या भ्रूण हत्या में संलिप्त पाया जाएगा उस पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।

मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि अगले तीन वर्षों में हमारा लक्ष्य 500 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादित करने का है। वर्ष 2018 तक प्रदेश के सभी परिवारों को बिजली उपलब्ध करवा दी जाएगी। वर्तमान में 1 लाख 25 हजार परिवार ऐसे हैं जिन्हें मुख्य ग्रिड से बिजली पहुंचाना सम्भव नहीं हो पा रहा है। ऐसे परिवारों को आॅफ ग्रिड बिजली उपलब्ध करवाई जाएगी।

त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हिम ज्योति स्कूल में 80 के.वी. सौर ऊर्जा संयंत्र का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने हिम ज्योति स्कूल के छात्रावास, कैंटीन, लाईब्रेरी व कक्षाओं का अवलोकन किया और स्कूल की छात्राओं से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी पढ़ाई व कैरियर संबंधी योजनाओं के बारे में पूछा।

मुख्यमंत्री ने हिम ज्योति स्कूल की छात्राओं की योग्यता व प्रतिभा की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसके लिए स्कूल की शिक्षिकाएं व प्रबंधन सराहना के पात्र हैं। शिक्षा के साथ ही बच्चों को संस्कार देना भी जरूरी है। हिम ज्येति स्कूल में छात्राओं के बहुआयामी व्यक्तित्व के विकास पर ध्यान दिया जा रहा है।

रावत ने कहा कि हिम ज्योति स्कूल के लिए कुमायूं में भूमि उपलब्ध करवाई जाएगी। आज हमारी बेटियां आगे बढ़ रही हैं। हर क्षेत्र में उनकी सफलताएं प्रेरणादायक हैं।