उपचुनाव

विधानसभा उपचुनाव के लिए राजस्थान के  4 जिलों में तैयारियां शुरू

जयपुर, 10 फरवरी। विधानसभा उपचुनाव के लिए राजस्थान के  4 जिलों में तैयारियां शुरू कर दी है।
निर्वाचन विभाग ने राजस्थान के  4 जिलों भीलवाड़ा, उदयपुर, राजसमंद और चूरू में होने वाले विधानसभा  उपचुनाव के लिए तैयारियां शुरू कर दी है।
विधानसभा  उपचुनाव के मद्दे नजर में बुधवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी  प्रवीण गुप्ता ने विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों से बैठक कर जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
विधानसभा उपचुनाव की घोषणा होने के साथ ही संबंधित जिलों में आचार संहिता प्रभावी हो जाएगी। ऎसे में आबकारी विभाग, पुलिस और नारकोटिक्स विभाग को और अधिक सतर्क और सजग रहना होगा।
उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग यह सुनिश्चित करे कि संबंधित जिलों में पर्ची के आधार पर शराब की बिक्री ना हो। साथ ही प्रतिदिन शराब की बिक्री की मॉनिटरिंग भी की जाए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने गोदाम से रिटेल शराब बिक्री नहीं करने, निगरानी के लिए मुखबिर बढ़ाने और चौक पोस्ट की संख्या में बढ़ोतरी करने पर जोर दिया।
गुप्ता ने कहा कि उडन दस्ता एवं स्थैतिक निगरानी दलों के द्वारा पूरे क्षेत्र की निगरानी रखें और यह सुनिश्चित करे कि किसी प्रकार की नगद राशि, वस्तुएं (धोती, कंबल, साडी आदि), शराब आदि का वितरण मतदाताओं को नहीं किया जा सके।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर उडनदस्ता दल को भेजकर तुरन्त आवश्यक कार्यवाही की जाए। उन्होंने टीमों में प्रभारी पुलिस कर्मी ए.एस.आई रैंक से कम का ना हो, यह सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों में भी त्वरित कार्यवाही कराई जाए और अवैध हथियार, मदिरा एवं वाहनों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही कर इन्हें जब्त किया जाए।
अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी कृष्ण कुणाल ने पुलिस विभाग के अधिकारियों को विगत चुनावों के दौरान निर्वाचन संबंधित मामलों में दर्ज एफआईआर की वस्तुस्थिति की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पुलिस, प्रेक्षकों व मुख्य निर्वाचन अधिकारी से समन्वय रखा जाए। उन्होंने चारों जिलों की आवश्यकता के अनुसार केन्द्रीय रिजर्व बलों का आकलन, मांग व व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों के अनुरूप केन्द्रीय रिजर्व बलों के रहने, खाने पीने, यातायात आदि संबंधित व्यवस्था सुनिश्चित करें।
कुणाल ने आयकर विभाग के नोडल अधिकारियों को 24 बाय 7 संचालित होने वाले नियंत्रण कक्ष की स्थापना व टोल फ्री नं. की सुविधा प्रदान करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि एफएसटी और एसएसटी द्वारा 10 लाख से अधिक धनराशि जब्त होने की सूचना पर आयकर विभाग द्वारा तत्काल कार्यवाही की जाए।
उन्होंने कहा कि चिन्हित किये जाने वाले निर्वाचन व्यय संवेदनशील विधानसभा क्षेत्रों एवं व्यय संवेदनशील पॉकेट्स पर कड़ी निगरानी रखी जाएं।
उन्होंने बैंको से 10 लाख रुपए से अधिक की राशि के शंकित लेनदेन को आयकर अधिनियम के तहत जांच करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि आयकर विभाग के दलों की तैनाती किया जाए ताकि दलों के द्वारा अवैध रूप से नगद परिवहन पर निगरानी रखी जाए।