नई दिल्ली, 27 अगस्त: 26 अगस्त को नेपाल में आई विनाशकारी अचानक बाढ़ से हुई भारी तबाही के बीच, नई दिल्ली स्थित नेपाल दूतावास ने भारत सरकार और भारतीय लोगों द्वारा व्यक्त की गई संवेदना, सहायता और एकजुटता के लिए आभार व्यक्त किया है। दूतावास ने बताया कि इस प्राकृतिक आपदा में कई लोगों की जान चली गई है, अनेक लोग घायल और विस्थापित हुए हैं, और बस्तियों, सड़कों, पुलों तथा अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। कई लोग अभी भी लापता हैं और नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है।
मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए, दूतावास ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और लापता लोगों को सुरक्षित और जल्द बचाने की उम्मीद जताई।
नेपाल सरकार ने राहत और बचाव कार्यों के लिए नेपाल सेना, नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल, नागरिक प्रशासन, स्वास्थ्य संस्थानों और अन्य आपदा प्रबंधन एजेंसियों को तैनात किया है। दूतावास के अनुसार, हवाई और ज़मीनी दोनों मार्गों से लगातार खोज, बचाव और राहत कार्य चलाए जा रहे हैं।
सरकार की तत्काल प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की जान बचाना और विदेशी नागरिकों सहित लापता तथा फंसे हुए लोगों का पता लगाकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है। इसके अलावा, घायलों को चिकित्सा सुविधा प्रदान करने, प्रभावित लोगों के लिए भोजन, सुरक्षित पेयजल और अस्थायी आश्रय की व्यवस्था करने तथा सड़क, संचार और अन्य आवश्यक सेवाओं को बहाल करने पर ज़ोर दिया जा रहा है।
दूतावास ने बच्चों, बुजुर्गों, दिव्यांगों और अन्य कमज़ोर वर्गों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया है।
भारत के नेतृत्व का आभार
नेपाल दूतावास ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर का विशेष आभार व्यक्त किया है। दूतावास ने कहा कि नेपाल में हुई इस त्रासदी के संबंध में इन नेताओं द्वारा व्यक्त की गई संवेदना और प्रार्थनाओं, तथा नेपाल सरकार और जनता के साथ दिखाई गई एकजुटता ने इस कठिन समय में नेपाली लोगों को हिम्मत और सांत्वना दी है। दूतावास ने भारत के केंद्रीय मंत्रियों, विभिन्न राज्यों के राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों, सांसदों, राजनीतिक नेताओं और आम भारतीय नागरिकों से प्राप्त संवेदना संदेशों के लिए भी आभार व्यक्त किया है। नेपाल दूतावास ने भारत सरकार द्वारा दी जा रही तुरंत मानवीय मदद और नेपाल में संबंधित अधिकारियों के साथ बनाए गए करीबी तालमेल की भी तारीफ़ की है। दूतावास ने कहा कि संकट के इस समय में भारत का सहयोग दोनों देशों के बीच गहरे रिश्तों को दिखाता है।
विदेशी नागरिकों से जुड़ी जानकारी पर नज़र
दूतावास ने बताया कि वह नेपाल में आपदा से प्रभावित हो सकने वाले विदेशी नागरिकों के बारे में भारत के विदेश मंत्रालय, अन्य संबंधित भारतीय अधिकारियों और विभिन्न देशों के राजनयिक मिशनों के लगातार संपर्क में है। राहत और बचाव कार्यों के दौरान विदेशी नागरिकों की सुरक्षा और उनके बारे में उपलब्ध जानकारी साझा करने पर खास ध्यान दिया जा रहा है।
दूतावास ने नई दिल्ली में स्थित विभिन्न राजनयिक मिशनों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों और सदस्यों, मीडिया, नागरिक समाज, व्यापारिक और सांस्कृतिक संगठनों तथा नेपाल के दोस्तों का भी आभार व्यक्त किया है। इसने भारत में रहने वाले नेपाली समुदाय को भी उनके शोक संदेशों, प्रार्थनाओं और मदद के आश्वासनों के लिए धन्यवाद दिया।
अफ़वाहों से बचने की अपील
दूतावास ने कहा कि आपदा के बाद स्थिति लगातार बदल रही है। इसलिए, जनता और मीडिया को केवल अधिकृत स्रोतों – जिनमें नेपाल सरकार और दूतावास शामिल हैं – से जारी जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए। दूतावास ने सभी से बिना पुष्टि वाली खबरों को फैलाने से बचने की अपील की है।
इसके अलावा, प्रभावित लोगों की निजी जानकारी सार्वजनिक करने से बचने और बिना अनुमति के फंड जुटाने की अपीलें फैलाने से बचने का भी अनुरोध किया गया है।
दूतावास ने कहा कि इस मुश्किल समय में, नेपाल सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रभावित लोगों की जान बचाना, लापता लोगों को सुरक्षित निकालना और प्रभावित परिवारों को ज़रूरी मदद पहुँचाना है।
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