विशाखापत्तनम, 12 सितंबर। हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा से जुड़ी अवैध गतिविधियों से निपटने के लिए भारत सहित कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव (सीएससी) के सदस्य और पर्यवेक्षक देशों ने तीन दिवसीय टेबल टॉप एक्सरसाइज (टीटीएक्स) में हिस्सा लिया। यह अभ्यास 9 से 12 सितंबर तक विशाखापत्तनम स्थित पूर्वी नौसेना कमान (ईएनसी) में आयोजित किया गया।
अभ्यास का मुख्य उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्र के रास्ते होने वाली गैर-कानूनी गतिविधियों से निपटने के लिए सदस्य देशों के बीच समन्वित और प्रभावी प्रतिक्रिया तंत्र विकसित करना था। अभ्यास की शुरुआत 9 सितंबर को पूर्वी नौसेना कमान के चीफ स्टाफ ऑफिसर (ऑपरेशन्स) रियर एडमिरल मनोज झा के उद्घाटन संबोधन के साथ हुई।
तीन दिनों तक चले इस अभ्यास में विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों और समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों ने काल्पनिक लेकिन वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित कई समुद्री सुरक्षा परिदृश्यों पर विचार-विमर्श किया। इनमें समुद्री आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी तथा अवैध, बिना रिपोर्ट और अनियमित मछली पकड़ने (आईयूयू फिशिंग) जैसी चुनौतियां शामिल थीं।
अभ्यास के दौरान प्रतिभागियों ने मौजूदा मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) की समीक्षा की और समुद्र में होने वाली गतिविधियों की बेहतर निगरानी के लिए देशों के बीच सूचना साझा करने की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा की। इसका उद्देश्य किसी संदिग्ध समुद्री गतिविधि की स्थिति में संबंधित देशों के बीच तेजी से सूचना पहुंचाना और संयुक्त कार्रवाई की क्षमता बढ़ाना था।
कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने के लिए बनाया गया एक बहुपक्षीय मंच है। इस अभ्यास के जरिए सदस्य देशों ने क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि बनाए रखने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
अभ्यास को भारत के ‘महासागर’ (MAHASAGAR) दृष्टिकोण से भी जोड़ा गया है। इसका पूरा अर्थ Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions यानी विभिन्न क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र प्रगति है।
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