लंदन, 1 सितंबर। ब्रिटेन के मेट ऑफिस, आयरलैंड की नेशनल मौसम सेवा ‘मेट एरेन’ (Met Éireann) और नीदरलैंड्स की KNMI ने 2026/27 सीज़न के लिए तूफ़ानों के नामों की लिस्ट जारी की है। इस लिस्ट में 21 नाम शामिल हैं। ब्रिटेन, आयरलैंड और नीदरलैंड्स से जुड़े नामों के अलावा, इसमें मशहूर कार्टून कैरेक्टर ‘शॉन द शीप’ (Shaun the Sheep) का नाम भी शामिल है।
तूफ़ानों का नाम रखने का सिस्टम 2015 में शुरू किया गया था। इसका मकसद लोगों को खराब मौसम के हालात के बारे में पहले से आगाह करना और मौसम की चेतावनियों को समझने में आसान बनाना है।
इस साल की लिस्ट के लिए लोगों की तरफ से 40,000 से ज़्यादा नाम सुझाए गए थे। चुने गए नामों में मशहूर नाम और लोगों की निजी कहानियों से जुड़े नाम शामिल हैं।
यह लिस्ट UK, आयरलैंड और नीदरलैंड्स के लिए है, न कि पूरी दुनिया के लिए।
2026/27 की लिस्ट में ऑस्टेन (Austen), बोएलो (Boelo), क्लोई (Chloe), डैनो (Dano), एवलिन (Evelyn), फिन (Finn), ग्वेंडोलिन (Gwendolyn), हीदर (Heather), आइवी (Ivy), जेड (Jade), किलियन (Killian), लाओइस (Laoise), मिरियम (Miriam), निकोला (Nicola), ओलाफ (Olaf), फेलिम (Phelim), रुबन (Ruban), शॉन (Shaun), थियो (Theo), वेस्ना (Vesna) और वेंडे (Wende) शामिल हैं।
‘क्लोई’ नाम 130 से ज़्यादा लोगों ने सुझाया था; एक सुझाव पाँच साल की बच्ची की माँ की तरफ से आया था, जिसे मौसम में बहुत दिलचस्पी है। ‘फिन’ नाम दो साल के एक लड़के के सम्मान में सुझाया गया था, जिसके परिवार ने उसे “बहुत एक्टिव और ऊर्जा से भरपूर” बताया था। वहीं, ‘आइवी’ नाम नौ महीने के लैब्राडोर पपी के नाम पर सुझाया गया था, जिसे उसके परिवार ने मज़ाकिया अंदाज़ में “बहुत शरारती” बताया था।
लिस्ट में कुछ नाम मौसम विज्ञान के इतिहास से भी जुड़े हैं। अपनी 90वीं सालगिरह के मौके पर, आयरलैंड की मौसम सेवा ने उन लोगों से प्रेरित नाम चुने जिन्होंने मौसम विज्ञान के क्षेत्र में योगदान दिया है। ‘ऑस्टेन’ नाम आयरिश मौसम सेवा के पहले डायरेक्टर ऑस्टेन नेगल के सम्मान में चुना गया था, जबकि ‘एवलिन’ नाम एवलिन मर्फी से जुड़ा है, जो आयरलैंड के नेशनल ब्रॉडकास्टर RTÉ पर मौसम का पूर्वानुमान बताने वाली पहली महिला थीं। तूफ़ानों के नामों में ‘शॉन द शीप’ भी शामिल
इस साल की लिस्ट में सबसे लोकप्रिय नामों में से एक ‘शॉन’ है। इसे मेट ऑफिस और मशहूर एनिमेशन कंपनी ‘आर्डमैन’ के सहयोग से आयोजित एक पब्लिक वोट के बाद चुना गया था। इस पहल का मकसद मज़ेदार तरीके से यह बताना था कि तूफ़ानों के नाम क्यों रखे जाते हैं और मौसम की चेतावनी लोगों को सुरक्षित रखने में कैसे मदद करती है।
मेट ऑफिस के अनुसार, तूफ़ानों का नाम रखने से खराब मौसम की स्थितियों के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ती है। ‘स्टॉर्म गोरेटी’ (जनवरी 2026) के बाद किए गए एक सर्वे से पता चला कि ‘एम्बर’ चेतावनी वाले इलाकों में रहने वाले 93 प्रतिशत लोग अलर्ट के बारे में जानते थे, जबकि 88 प्रतिशत लोगों ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोई न कोई कदम उठाया।
तूफ़ान का नाम कब रखा जाता है?
UK, आयरलैंड और नीदरलैंड की संयुक्त मौसम सेवा तब किसी तूफ़ान का नाम रखती है जब इन देशों पर उसके मध्यम या गंभीर असर की आशंका होती है। आम तौर पर, इसका मतलब है कि मौसम प्रणाली के आगे बढ़ने के दौरान किसी समय ‘एम्बर’ या ‘रेड’ लेवल की चेतावनी जारी होने की संभावना है।
हालांकि तूफ़ान का नाम रखते समय तेज़ हवाओं को मुख्य कारक माना जाता है, लेकिन अगर भारी बारिश या बर्फबारी से बड़ी रुकावट आने की उम्मीद हो, तो भी नाम दिया जा सकता है।
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