Nepal-Tibet Floods: India Steps Up Relief Aid

नेपाल-तिब्बत बाढ़: भारत ने राहत सहायता बढ़ाई

नई दिल्ली, 28 अगस्त। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत ने राहत और बचाव प्रयास तेज कर दिए हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, नेपाल में फंसे 320 भारतीय नागरिकों से अभी संपर्क स्थापित नहीं हो सका है, जबकि चीन की ओर करीब 400 भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं और उनके परिवारों से संपर्क बना हुआ है।

भारत ने नेपाल के राहत एवं बचाव अभियान में मानवीय सहायता भी बढ़ाई है। शुक्रवार को तीसरी खेप के रूप में 10 टन राहत सामग्री काठमांडू भेजी गई, जिससे अब तक भेजी गई सहायता की कुल मात्रा 57.5 टन हो गई है। इस खेप में पोर्टेबल जनरेटर, खाद्य सामग्री, डिग्निटी किट और पानी शुद्ध करने वाली गोलियां शामिल हैं। इसके साथ डॉक्टरों, पैरामेडिक्स और सुरंग बचाव अभियान के विशेषज्ञों का 11 सदस्यीय दल भी भेजा गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बातचीत कर आपदा में हुई जनहानि पर संवेदना व्यक्त की और भारत की ओर से हरसंभव मानवीय सहायता का भरोसा दिलाया था। दोनों देशों की एजेंसियां राहत और बचाव प्रयासों के समन्वय में लगी हैं।

भारत ने नेपाल में प्रभावित भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए विदेश मंत्रालय में 24 घंटे काम करने वाला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। काठमांडू और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास भी चौबीसों घंटे हेल्पलाइन के जरिए प्रभावित लोगों और उनके परिजनों से संपर्क कर रहे हैं।

इस बीच, नेपाल सरकार ने विदेशी बचाव दलों की तत्काल आवश्यकता नहीं होने की बात कही है। हालांकि भारत ने नेपाल के अनुरोध पर अतिरिक्त मानवीय सहायता, चिकित्सा सहायता, इंजीनियरिंग दल और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को बहाल करने के लिए उपकरण उपलब्ध कराने की तैयारी की है।

नेपाल में बुधवार को आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन ने व्यापक तबाही मचाई। शुक्रवार तक नेपाल और तिब्बत में मृतकों की संख्या 500 से अधिक हो गई थी और बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। बाढ़ के कारण सड़कें, पुल और जलविद्युत परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिससे दुर्गम इलाकों तक राहत पहुंचाना चुनौती बना हुआ है।

भारत ने नेपाल से लगी अपनी सीमा पर भी स्थिति पर करीबी नजर रखी है। केंद्र सरकार ने बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में प्रशासन तथा बचाव एजेंसियों को सतर्क रखा है, क्योंकि नेपाल में बाढ़ का असर नदियों के जरिए भारतीय क्षेत्र में भी पड़ सकता है।

नेपाल में भारतीय नागरिकों के अलावा चीन के तिब्बत क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में भारतीय तीर्थयात्री और अन्य नागरिक प्रभावित हुए हैं। भारतीय दूतावास दोनों ओर के अधिकारियों के साथ समन्वय कर उनकी सुरक्षित वापसी की व्यवस्था में जुटा है।