क्या नाच-गाना, हंसी-मजाक, मारधाड़ ही है मनोरंजन? — केतन मेहता
रायपुर, 11 अप्रैल । ‘मांझी- द फाउंटेन मैन’, ‘मिर्च मसाला’, ‘हीरो हीरालाल’, ‘रंग रसिया’ जैसी कई फिल्में बनाने वाले केतन मेहता का सवाल है कि क्या नाच-गाना, हंसी-मजाक, मारधाड़ वाली फिल्में ही मनोरंजन है? मेहता कहते हैं कि अच्छी कविता, अच्छे डॉयलॉग से भी तो मनोरंजन किया जा सकता है।…

















