काठमांडू, 1 सितंबर। नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के सातवें दिन भी खोज, बचाव और राहत अभियान जारी है। नेपाल सरकार के अनुसार अब तक 1,010 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि करीब 4,000 लोग अब भी लापता हैं। राहत और बचाव दलों ने अब तक 11,800 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला है।
विदेश मंत्रालय की मंगलवार को आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में बताया गया कि बचाए गए लोगों में करीब 324 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। इनमें पांच ऐसे विदेशी नागरिक हैं जिनसे संपर्क स्थापित हो चुका है। वहीं 39 देशों के लगभग 590 विदेशी नागरिक अब भी लापता हैं। अधिकारियों ने कहा कि खोज और सत्यापन अभियान जारी रहने के साथ आंकड़ों में बदलाव हो सकता है।
सरकार ने कहा कि उसकी पहली प्राथमिकता लोगों की जान बचाना, लापता लोगों का पता लगाना, जीवित बचे लोगों को सुरक्षित निकालना और प्रभावित लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध कराना है। इस अभियान में नेपाल सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के 21,000 से अधिक जवानों की संयुक्त टीम काम कर रही है।
नेपाल सरकार पड़ोसी देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ भी लगातार समन्वय कर रही है, ताकि बचाव अभियान के लिए आवश्यक विशेषज्ञता, उपकरण और अन्य संसाधन जुटाए जा सकें।
जलविद्युत परियोजनाओं में विशेष बचाव अभियान
बाढ़ से प्रभावित जलविद्युत परियोजनाओं में सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। भारत की 24 सदस्यीय दो विशेष सुरंग बचाव टीमें और चीन के नौ विशेषज्ञ इस अभियान में शामिल हैं। दक्षिण कोरिया की एक टीम भी नेपाल पहुंच चुकी है।
भारतीय टीमें नेपाली सेना के साथ चिलिमे और लांगटांग जलविद्युत परियोजनाओं में काम कर रही हैं। वहीं चीनी टीम नेपाली सेना के साथ अपर त्रिशूली-3ए परियोजना में बचाव अभियान चला रही है।
मृतकों की पहचान और शवों के संरक्षण के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। भारत की 19 सदस्यीय फोरेंसिक टीम, जो DNA विश्लेषण में विशेषज्ञता रखती है, 29 अगस्त से नेपाली अधिकारियों के साथ काम कर रही है। चीन से चार सदस्यीय फोरेंसिक टीम मंगलवार शाम नेपाल पहुंच रही है।
सिंगापुर से भी आपदा पीड़ितों की पहचान के लिए विशेष टीम बुलाने की प्रक्रिया चल रही है। नेपाल ने LiDAR, अस्थायी पुल, शवों के संरक्षण के लिए फ्रीजर, DNA जांच किट, भारी सामान ढोने वाले उपकरण, शव रखने के बैग, उच्च क्षमता वाले ड्रोन और जीन सीक्वेंसर सहित अन्य उपकरणों की भी मांग की है।
कई देशों से मिल रही सहायता
नेपाल ने भारत, चीन, जापान, अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, दक्षिण कोरिया और अन्य देशों तथा अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से मिली सहायता के लिए आभार व्यक्त किया है। कई देशों से राहत सामग्री पहुंच चुकी है और अतिरिक्त सामग्री तथा अन्य सहायता जुटाई जा रही है।
सरकार ने कहा कि वह जमीन पर वास्तविक जरूरतों का आकलन करने के बाद उसी के अनुरूप अंतरराष्ट्रीय सहायता ले रही है।
नुकसान का व्यापक आकलन जारी
बाढ़ और भूस्खलन से मकानों, सड़कों, पुलों, जलविद्युत परियोजनाओं तथा अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। सरकार के अनुसार आपदा के बाद जरूरतों का आकलन (PDNA) पूरा होने पर नुकसान, आर्थिक क्षति और पुनर्वास तथा पुनर्निर्माण की आवश्यकताओं की अधिक स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
आपदा से हुए व्यापक विनाश को देखते हुए नेपाल को पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय सहायता की आवश्यकता पड़ने की संभावना है।
मृतकों की पहचान के लिए DNA नमूने लिए जा रहे
सरकार ने बताया कि जिन शवों की तत्काल पहचान नहीं हो पा रही है या जिन्हें सुरक्षित रखना संभव नहीं है, उनका आवश्यक फोरेंसिक प्रक्रिया पूरी करने और DNA नमूने लेने के बाद अस्थायी रूप से दफन किया जा रहा है। बाद में पहचान स्थापित होने पर शवों को परिवारों को अंतिम संस्कार के लिए सौंपा जाएगा।
लापता लोगों के निकटतम परिजनों से नेपाल पुलिस अस्पताल, महाराजगंज, काठमांडू या निकटतम जिला पुलिस कार्यालय से संपर्क करने को कहा गया है। विदेशों में रहने वाले परिजन अपने निवास वाले देश में अपना DNA प्रोफाइल तैयार कराकर नेपाल पुलिस के आधिकारिक ईमेल पर भेज सकते हैं।
विदेश मंत्रालय ने मीडिया और आम लोगों से अपील की है कि वे केवल सरकारी एजेंसियों से प्राप्त सत्यापित आंकड़ों पर भरोसा करें और अपुष्ट खबरों या आंकड़ों को प्रसारित न करें।
मंत्रालय की अगली प्रेस ब्रीफिंग 2 सितंबर को दोपहर दो बजे होगी।
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