The Russia-Ukraine War and the US-Iran Conflict Increase Global Concern

रूस-यूक्रेन युद्ध और अमेरिका-ईरान टकराव ने बढ़ाई वैश्विक चिंता

नई दिल्ली,06 अगस्त । तुर्की के विदेश मंत्री हकन फिदान ने कहा है कि अल्लाह ने चाहा तो ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत आज अच्छी खबर के साथ खत्म हो जाएगी। अभी 60 दिनों के समय पर बात हो रही है। अगर इस 60 दिन के समय में कोई समझौता हो जाता है, तो दोनों पार्टियों के बीच एक परमानेंट समझौता हो सकता है।  बावजूद इसके दुनिया की दो सबसे बड़ी भू-राजनीतिक चुनौतियाँ—रूस-यूक्रेन युद्ध और अमेरिका-ईरान संघर्ष—आज भी अंतरराष्ट्रीय राजनीति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भारी पड़ रही हैं। एक ओर यूक्रेन पर रूस के हमले और तेज हो गए हैं, वहीं दूसरी ओर फारस की खाड़ी में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने तेल बाजार और समुद्री व्यापार को नई अनिश्चितता में डाल दिया है। यूरोप, नाटो, संयुक्त राष्ट्र और खाड़ी देशों की कूटनीति इन दोनों संकटों को नियंत्रित करने में जुटी है।

ईरानियन एजेंसी ने आज देर रात खबर दी है कि ओमान के कुमसार से 9 नॉटिकल मील दक्षिण-पूर्व में होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने की कोशिश कर रहे एक जहाज़ के पास दो धमाके हुए।

रूस-यूक्रेन: मिसाइलों की बारिश
यूक्रेन पर रूस ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। राजधानी कीव तथा अन्य क्षेत्रों में कई नागरिकों की मृत्यु हुई है और भारी क्षति की सूचना है। राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की का कहना है कि रूस सर्दियों से पहले अपने मिसाइल हमलों को और बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। उनका आरोप है कि यूक्रेन के पास अब पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की गंभीर कमी है, जिससे बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकना कठिन होता जा रहा है।

नाटो ने यूक्रेन को अतिरिक्त वायु रक्षा प्रणाली उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज करने की घोषणा की है। जर्मनी में पैट्रियट मिसाइल उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में भी काम चल रहा है ताकि भविष्य में आपूर्ति सुधारी जा सके।

यूक्रेन का पलटवार जारी
रूस के लगातार हमलों के बीच यूक्रेन ने भी रूस के भीतर स्थित तेल रिफाइनरियों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं। राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की का दावा है कि इन अभियानों का उद्देश्य रूस की युद्ध क्षमता और ईंधन आपूर्ति को कमजोर करना है। इससे दोनों देशों के बीच ऊर्जा अवसंरचना अब सीधे युद्ध का हिस्सा बनती जा रही है।

रूस पर नए प्रतिबंध
ब्रिटेन ने रूस के जहाजों, बैंकों और कई औद्योगिक संस्थानों पर नए आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं। पश्चिमी देशों का मानना है कि आर्थिक दबाव बढ़ाकर रूस की युद्ध क्षमता को सीमित किया जा सकता है, हालांकि अब तक प्रतिबंधों के बावजूद युद्ध जारी है।

अमेरिका-ईरान: खाड़ी में बढ़ा तनाव
दूसरा बड़ा वैश्विक संकट अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा टकराव है। ईरान ने खाड़ी देशों को चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई जारी रही तो क्षेत्र की तेल, बिजली और जल अवसंरचना भी निशाने पर आ सकती है। साथ ही तेहरान ने क्षेत्रीय देशों से कूटनीतिक समाधान की दिशा में प्रयास तेज करने का आग्रह किया है।

इसी बीच ईरानी संसद में एक ऐसे विधेयक पर विचार शुरू हुआ है जिसके तहत अमेरिकी और इज़राइली जहाजों के लिए हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरना प्रतिबंधित किया जा सकता है। यदि ऐसा हुआ तो विश्व ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है क्योंकि वैश्विक तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से गुजरता है।

तेल बाजार में उछाल
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर तुरंत दिखाई दिया। ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई दोनों की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। विश्लेषकों का मानना है कि यदि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में यातायात बाधित होता है तो ऊर्जा कीमतों में और तेज़ उछाल आ सकता है, जिसका प्रभाव भारत सहित तेल आयातक देशों पर भी पड़ेगा।

अमेरिकी जनमत में चिंता
अमेरिका में हुए एक नए सर्वेक्षण के अनुसार अधिकांश अमेरिकी नागरिकों को आशंका है कि ईरान के साथ जारी युद्ध से मध्य-पूर्व और अधिक अस्थिर होगा। युद्ध की बढ़ती लागत, ऊर्जा कीमतों में वृद्धि और क्षेत्रीय असुरक्षा को लेकर जनता में चिंता बढ़ रही है।

आज की वैश्विक स्थिति यह संकेत देती है कि दुनिया दो समानांतर संकटों से जूझ रही है। रूस-यूक्रेन युद्ध यूरोप की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दे रहा है, जबकि अमेरिका-ईरान तनाव वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर रहा है। यदि दोनों मोर्चों पर तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर केवल संबंधित क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था, तेल की कीमतों, महंगाई और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी व्यापक रूप से दिखाई देगा। भारत जैसे ऊर्जा आयातक देशों के लिए आने वाले सप्ताह विशेष रूप से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।