नई दिल्ली, 01 अगस्त । अगस्त के पहले दिन मानसून ने एक बार फिर देश के बड़े हिस्से में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार उत्तर, पश्चिम, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के अनेक राज्यों में अगले तीन से चार दिनों तक हल्की से भारी तथा कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। कई राज्यों के लिए भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है।
असम और गुजरात में बाढ़ से जनजीवन प्रभावित
लगातार हो रही मूसलाधार वर्षा के कारण असम और गुजरात के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। असम में ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने से अनेक गांव जलमग्न हो गए हैं, जिससे हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहीं गुजरात के कई जिलों में भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं और निचले इलाकों में जलभराव से सड़क एवं यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है।
दोनों राज्यों में राष्ट्रीय एवं राज्य आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ और एसडीआरएफ) की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के निकट जाने से बचने तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक वर्षा का दौर जारी रहने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में शनिवार को दिनभर बादल छाए रहे तथा कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग का अनुमान है कि दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में 4 अगस्त तक रुक-रुक कर वर्षा का सिलसिला जारी रह सकता है। इससे तापमान में गिरावट आएगी, हालांकि नमी का स्तर अधिक रहने से उमस बनी रह सकती है।
इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, ओडिशा और केरल के अनेक क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई है। गुजरात के कुछ हिस्सों में अत्यधिक वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।
हिमालयी राज्यों—विशेषकर हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड—में लगातार वर्षा के कारण भूस्खलन, अचानक बाढ़ और पहाड़ी मार्गों के बाधित होने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है।
कम दबाव का क्षेत्र बना कारण
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विदर्भ और दक्षिणी मध्य प्रदेश के आसपास विकसित कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी प्रणाली के प्रभाव से गुजरात, राजस्थान और मध्य भारत में वर्षा की गतिविधियां तेज बनी हुई हैं, जबकि मानसूनी ट्रफ के उत्तर की ओर खिसकने से उत्तर भारत में भी वर्षा का विस्तार हो रहा है।
किसानों के लिए राहत
लगातार वर्षा से खरीफ फसलों, विशेषकर धान, मक्का, सोयाबीन, कपास और दलहनी फसलों को लाभ मिलने की संभावना है। हालांकि जिन क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा होगी वहां जलभराव से फसलों को नुकसान भी पहुंच सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी है।
अगले 72 घंटे का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक मानसून सक्रिय बना रहेगा। उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत तथा पूर्वोत्तर राज्यों में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होगी, जबकि कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। दिल्ली-एनसीआर में बीच-बीच में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत में भी वर्षा की तीव्रता बनी रहने के आसार हैं।
लोगों के लिए सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि भारी वर्षा के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें, बिजली चमकने के समय खुले स्थानों पर न रुकें तथा पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा से पहले स्थानीय मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। प्रशासन ने मछुआरों और नदी किनारे रहने वाले लोगों को भी विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
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